Doonitedजेएनयू छात्रों का विरोध जारी रखना सही नहींः निशंकNews
Breaking News

जेएनयू छात्रों का विरोध जारी रखना सही नहींः निशंक

जेएनयू छात्रों का विरोध जारी रखना सही नहींः निशंक
Want create site? Find Free WordPress Themes and plugins.

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा, जेएनयू के छात्रों की हॉस्टल फीस की मुख्य मांग का मुद्दा सुलझ गया है, लिहाज़ा अब छात्रों को विरोध नहीं करना चाहिए। शीतकालीन सत्र के लिए 5000 से ज्यादा छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया। जेएनयू प्रशासन ने सभी छात्रों और शिक्षकों से कक्षाओं में वापस आने की अपील की।

गतिरोध के सिलसिले के बाद औऱ छात्रों और प्रशासन के बीच सुलह के बाद जेएनयू में कल से कक्षाएं शुरु हो गयीं। प्रशासन का कहना है कि करीब  50 पर्सेंट छात्र विंटर सेमेस्टर के लिए रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। वहीं शिक्षकों का कहना है कि राजनीति अपनी जगह है लेकिन आंदोलन की वजह से छात्रों की पढाई का नुकसान ठीक नहीं है। इस बीच जेएनयू हिंसा की जांच भी जारी है। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की एक टीम कैंपस में हमले की जांच के लिए  जेएनयू पहुंची। पुलिस ने सोशल मीडिया पर हमले के साझा किए गए वीडियो में नकाबपोश युवती की पहचान दौलत राम कॉलेज की छात्रा के रुप में की है और उसे भी जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा गया है।

जेएनयू में लंबे समय से जारी गतिरोध के बीच सोमवार से कक्षाएं शुरु हो गयीं। मानव संसाधन विकास  मंत्रालय ने पिछले हफ्ते प्रदर्शनकारी JNU छात्रों और यूनिवर्सिटी प्रशासन और कुलपति के बीच समाधान निकालने की काफी कोशिशें कीं। इन सब प्रयासों के बाद सोमवार से कक्षाएं दोबारा शुरू हुईं। जेएनयू प्रशासन का कहना है छात्र आने लगे हैं और 2- 3 दिन में हालात पूरी तरह से सामान्य हो जाएंगे।

प्रशासन का कहना है कि करीब  50 पर्सेंट छात्र विंटर सेमेस्टर के लिए रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। वहीं शिक्षकों का कहना है कि राजनीति अपनी जगह है लेकिन आंदोलन की वजह से छात्रों की पढाई का नुकसान ठीक नहीं है।

इससे पहले जेएनयू प्रशासन ने सोमवार को शिक्षकों को एक परामर्श जारी कर छात्रों के हित में कक्षाएं बहाल करने को कहा। विश्वविद्यालय ने कहा कि यह परामर्श जेएनयू शिक्षक संघ के दो पदाधिकारियों के ”असहयोग योजना” की घोषणा के बाद जारी किया गया। परामर्श में कहा गया है कि सभी संकाय सदस्यों को छात्र समुदाय के हित में कक्षाएं और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां बहाल करने का सुझाव दिया जाता है।

इस बीच जेएनयू हिंसा की जांच भी जारी है। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की एक टीम  कैंपस में हमले की जांच के लिए जवाहरलाल जेएनयू पहुंची। अधिकारियों के मुताबिक जिन नौ लोगों की पहचान की गई थी उसमें पंकज मिश्रा भी शामिल था और दिल्ली पुलिस ने अपनी पूर्व की प्रेस कॉन्फ्रेंस में उसका नाम भी लिया था। वह भी जांच में शामिल हुआ। पुलिस ने सोशल मीडिया पर हमले के साझा किए गए वीडियो में नकाबपोश युवती की पहचान दौलत राम कॉलेज की छात्रा के रुप में की गयी है और उसे भी जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा गया है। एबीवीपी ने सोमवार को एक प्रेस कांफ्रेस में आरोप लगाया कि जेएनयू हिंसा के पीछे लेफ्ट का हाथ था साथ ही संगठन का कहना है कि आंदोलन को फीस बढ़ोत्तरी के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन कहना गलत होगा।

पांच जनवरी को हुई हिंसा की घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज, डेटा और अन्य सबूत सुरक्षित रखने की मांग करने वाली जेएनयू के तीन प्रोफेसरों की याचिका परदिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस, दिल्ली सरकार, व्हाट्सऐप, एपल और गूगल से जवाब मांगा है। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि उसने जेएनयू प्रशासन से हिंसा की सीसीटीवी फुटेज संभाल कर रखने और उसे सौंपने को कहा है।

इसबीच, मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि फीस से जुड़ा मुद्दा जेएनयू के छात्रों और शिक्षकों के प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की चर्चा के बाद सुलझ चुका है। छात्रों का विरोध जारी रखना सही नहीं है।

Did you find apk for android? You can find new Free Android Games and apps.

Post source : Agency

Related posts

error: Be Positive Be United
%d bloggers like this: