मकान टूटेंगे और ‘हॉस्टल’ होंगे सील | Doonited.India

June 27, 2019

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मकान टूटेंगे और ‘हॉस्टल’ होंगे सील

मकान टूटेंगे और ‘हॉस्टल’ होंगे सील
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हरबर्टपुर और ढकरानी में 76 मकानों को दून घाटी विशेष क्षेत्र प्राधिकरण ध्वस्त करेगा।  हाईकोर्ट के आदेश के बाद साडा ये कार्रवाई अगले सप्ताह से करेगा। इसके लिये पुलिस फोर्स की मांग की जा रही है। एक साथ इतने आवासीय भवनों की ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पहली बार साडा द्वारा की जा रही है। ये सभी आवासीय कॉलोनी कृषि और बगीचे की भूमि पर बनी हुई थी।

दूसरी ओर साडा की ओर से 45 हॉस्टल सील करने की भी तैयारी की जा रही है। 2013 में हरबर्टपुर के ही एक व्यक्ति ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी कि इन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर गलत भू-उपयोग की भूमि पर आवासीय कॉलोनी बसा ली गई है। कई सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने 2018 में साडा को इन इलाकों में बसी कॉलोनियों को ध्वस्तीकरण के आदेश दिये थे। साथ ही शासन को एसआईटी जांच के भी आदेश दिये। जिसके बाद आईजी अजय रौतेला की अध्यक्षता में एसआईटी जांच शुरू हुई। उधर, साडा की जांच में आया कि हरबर्टपुर में कई एकड़ में फैले बगीचे पर अवैध रूप से प्लाटिंग कर लोगों को बेचा गया और फिर उस पर कॉलोनी विकसित हुई। जबकि जीवनगढ़ और ढकरानी में कृषि भूमि में आवासीय कॉलोनी बसाई गई। वहीं अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद हरबर्टपुर में 30 आवासीय भवनों को ध्वस्त किया जाना है। जीवनगढ़ में 45 और ढकरानी में एक आवासीय भवन ध्वस्त होना है।

गढ़ी कैंट में चल रहे अवैध हॉस्टल चिह्नित होंगे
अवैध हॉस्टलों पर एमडीडीए की कार्रवाई के बाद गढ़ी बोर्ड भी सख्त हो गया है। छावनी क्षेत्र के आवासीय इलाकों में अवैध तरीके से संचालित होने वाले हॉस्टलों का तीन दिन के भीतर चिह्नीकरण कर सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। छावनी परिषद गढ़ी कैंट के प्रेमनगर, केहरी गांव और गढ़ी क्षेत्र में आवासीय नक्शे पर बने कई घरों का अवैध तरीके से हॉस्टल के रूप में प्रयोग किया जा रहा है। ऐसे घरों में बोर्ड की ओर से दी जा रही सुविधाओं की खपत ज्यादा होती है। जबकि, किराया कॉमर्शियल प्रयोग के मुकाबले कई गुना कम मिलता है। एमडीडीए ने अवैध हॉस्टलों की सीलिंग शुरू की तो गढ़ी कैंट बोर्ड भी सख्त हो गया है। कैंट बोर्ड सीईओ जाकिर हुसैन ने गुरुवार को तीन जेई, सैनेट्री इंस्पेक्टर और अन्य कर्मचारियों की छह सदस्यीय टीम बनाई है। टीम को तीन दिन में छावनी क्षेत्र में हॉस्टल चिह्नित करने का निर्देश दिया है। सीईओ जाकिर हुसैन ने बताया कि अवैध हॉस्टल संचालकों को पहले हॉस्टल बंद करने का नोटिस दिया जाएगा। वह नहीं मानेंगे तो सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।

 

प्रतिष्ठित स्कूलों के छात्रावास का निर्माण भी अवैध
देहरादून। एमडीडीए के बाद अब साडा ने भी अवैध रूप से निर्मित छात्रावासों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी है। साडा ने लांघा, शंकरपुर, रांझावाला, सेलाकुई, सहसपुर आदि क्षेत्रों में ऐसे छात्रावासों की सूची पिछले दिनों तैयार की थी। इन सभी छात्रावासों पर टीम के निरीक्षण के बाद अब 45 संचालकों को नोटिस दिये जा रहे हैं। देहरादून और विकासपुर के बीच और मसूरी फुटहिल के इलाकों में पिछले दस सालों में कई बड़े स्कूल, इंटरनेशनल स्कूल, शिक्षण संस्थानों ने आसपास बनने वाले प्राइवेट हास्टलों की बाढ़ आ गई थी। इनमें सभी प्रतिष्ठित स्कूलों के साथ ही इंटरनेशनल स्कूलों के नक्शे तो नियम के तहत पास है। लेकिन कई ऐसे स्कूल हैं, जिन्होंने बाद में बिना नक्शा पास कराये ही हास्टल के निर्माण किया। इन सब की सूची साडा ने तैयार की है। साडा सचिव एसएल सेमवाल ने बताया, हमने रानीपोखरी से विकासनगर तक सर्वे किया। उसके बाद लगभग 45 हॉस्टल नियमों के विपरीत पाये गये।

पुलिस फोर्स की मांग की जा रही है। संभवतया अगले सप्ताह तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हो जायेगी। इसके अलावा साडा में क्षेत्र में 45 अवैध छात्रावासों को सीलिंग के नोटिस भेजे गये हैं। इनमें कई बड़े स्कूलों के हॉस्टल भी हैं। बड़े स्कूलों के नक्शे तो स्वीकृत हैं, लेकिन बाद में इन्होंने हॉस्टलों का निर्माण अवैध रूप से कराया।
एसएल सेमवाल, साडा सचिव

 

 

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Post source : agencies

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