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सरकार ने दिया पर्यटन व्यवसाय के लिए 28.99 करोड़ रुपये का पैकेज

सरकार ने दिया पर्यटन व्यवसाय के लिए 28.99 करोड़ रुपये का पैकेज

  • -कोविड के दौरान हुई हानि में उद्योग को मिलेगी मदद
  • -कोविड महामारी के दौरान पर्यटन हितधारकों को दी जायेगी आर्थिक सहायता

कोविड महामारी से बुरी तरह प्रभावित प्रदेश के पर्यटन उद्योग की परेशानियों को समझते और पर्यटन उद्योग से जुड़े व्यवसाईयो के विभिन्न एसोसिएशनों से प्राप्त प्रतिवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए आज सरकार ने बड़ी राहत प्रदान करने हेतु पर्यटन व्यवसाय के लिए 28.99 करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया है। इसके तहत पर्यटन उद्योग से जुड़े विभिन्न व्यवसायियों को आर्थिक मदद प्रदान की जाएगी। प्रदेश सरकारी की तरफ से दी जाने वाली यह सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में जमा होगी। बुधवार को मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।


प्रदेश के पर्यटन सिंचाई एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कोरोना काल में प्रदेश सरकार द्वारा लगातार दूसरे वर्ष पर्यटन व्यवसायियों एवं कार्मिकों को आर्थिक सहायता दिए जाने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत का आभार व्यक्त किया है। श्री महाराज ने कहा कि कोरोना काल में राज्य सरकार ने पर्यटन उद्योग से जुड़े कार्मिकों को वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए 28 करोड़ 99 लाख 6 हजार रूपये की आर्थिक सहायता दिए जाने की स्वीकृति देकर उन्हें एक बड़ी देने का काम किया।


उत्तराखण्ड पर्यटन एवं यात्रा व्यवसाय नियमावली व अन्य विभागों में पंजीकृत पर्यटन तथा अन्य इकाइयों में विगत वर्ष 37870 कार्मिकों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई थी। वित्तीय वर्ष 2021-22 में भी उपरोक्त सहायता पंजीकृत अनुमानित कार्मिकों की संख्या लगभग 50 हजार आंकलित किया गया है, जिनको तत्कालिक रूप से रू0 2500 प्रति माह की दर से दो माह के लिए 5 हजार प्रति कार्मिक को एक मुश्त आर्थिक सहायता डीबीटी के माध्यम से वितरित किये जाने का प्रस्ताव है। यह धनराशि लगभग 2500 लाख होगी। पैकेज के तहत वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली योजना के तहत होम स्टे योजना में 01 अप्रैल से 30 सितम्बर तक ऋण लेने पर ब्याज की प्रतिपूर्ति की जायेगी। इसके लिए कुल दो करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

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वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए सभी पंजीकृत 301 राफ्टिंग, एयरोस्पोर्टस सेवा प्रदाताओं को यूटीडीबी एवं वन विभाग द्वारा ली जाने वाली लाइसेंस नवीनीकरण छूट प्रदान किये जाने का प्रस्ताव है, जिस पर 65 लाख रूपये का व्यय भार होगा। पर्यटन उद्योग को संस्थागत छूट के अन्तर्गत उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद स्तर से छूट प्रदान किया जाना प्रस्तावित है। एडवेंचर टूरिज्म से जुड़े पंजीकृत 631 राफ्टिंग गाइडों को 10 हजार रूपये प्रति गाइड देने का निर्णय भी इस पैकेज में शामिल किया गया है। इस मद में 63.10 लाख रुपये की धनराशि का बजट रखा गया है। 352 टूर ऑपरेटरों को दस हजार रुपये प्रति फर्म डीबीटी के माध्यम से आर्थिक लाभ पहुंचाने का फैसला लिया है। इसके लिए 35.20 लाख रुपये का बजट तैयार किया गया है। जबकि पर्यटन क्षेत्र में पंजीकृत 303 एडवेंचर टूर ऑपरेटरों को 10 हजार रूपये प्रति फर्म देने का फैसला किया गया है। व्यवसायियों को यह राशि डीबीटी के माध्यम से जारी की जाएगी। ऐसे व्यवसायियों के लिए 30 लाख रुपये का बजट बनाया गया है।


पर्यटन विभाग उत्तराखण्ड पर्यटन एवं यात्रा व्यवसाय नियमावली के अन्तर्गत पंजीकरण और लाइसेंस नवीकरण शुल्क में छूट प्रदान किये जाने का प्रस्ताव है। (वर्तमान में 1000 रूपये प्रति आवेदन) गत वर्ष पंजीकृत लगभग 600 इकाईयों की गणना के आधार पर चालू वित्तीय वर्ष 2021-22 में छूट पर लगभग 6 लाख का व्ययभार होगा।

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पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने पर्यटन व्यवसाय के लिए कैबिनेट द्वारा लिये गये फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान पर्यटन हितधारकों व कार्मिकों को जो नुकसान हुआ है उनकी आर्थिक सहायता जल्द से जल्द की जायेगी। इससे पर्यटन से जुड़े हर एक व्यक्ति को नुकसान से उभरने की ताकत मिलेगी। पर्यटन से जुड़े कारोबारियों की हर संभव मदद करने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। देश में कोविड महामारी के संक्रमण को रोकने हेतु गृह मंत्रालय भारत सरकार के निर्देश पर समय-समय पर राज्य सरकार द्वारा कोविड कर्फ्यू के संबंध में दिशा निर्देश जारी किये गये हैं। कोविड कर्फ्यू का पर्यटन व्यवसाय पर गंभीर प्रभाव पड़ा है।

उल्लेखनीय है कि राज्य में पर्यटन आर्थिकी का एक प्रमुख स्रोत है तथा मुख्य रूप से इसमें बड़ी संख्या में स्थानीय व्यक्ति भी जुड़े हुये हैं, जिनका रोजगार पर्यटन की विभिन्न गतिविधियों पर आधारित है। किन्तु कोविड महामारी के दौरान लाॅकडाउन होने के कारण व्यवसाय बंद होने से व्यवसायियों के साथ-साथ कार्यरत कार्मिकों के समक्ष रोजी रोटी की समस्या उत्पन्न हो गई है।

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