पूर्व सीएम हरीश रावत: ‘गैरसैंण’ हो राजधानी | Doonited.India

December 12, 2019

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पूर्व सीएम हरीश रावत: ‘गैरसैंण’ हो राजधानी

पूर्व सीएम हरीश रावत:  ‘गैरसैंण’ हो राजधानी
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अपनी सरकार में राजधानी का बुनियादी ढांचा विकसित करने के बावजूद गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने से हिचकते रहे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपना स्टैंड साफ कर दिया है। उनका कहना है कि राजधानी एक और गैरसैंण ही होगी। रावत ने मंगलवार को फेसबुक पेज पर गैरसैंण और स्थायी राजधानी के मुद्दे पर अपने ‘मन की बात’ रखी। उन्होंने लिखा कि शीतकालीन-ग्रीष्मकालीन का भ्रम नहीं पाला जाना चाहिए। यह भ्रम उत्तराखंड के एक बड़े हिस्से के लिए बहुत घातक होगा। पौड़ी इस उदाहरण है। पौड़ी में कमिश्नरी है, मगर कमिश्नर का कैंप कार्यालय देहरादून में।

यूपी के समय जिस पौड़ी में अफसर बैठा करते थे, अब उत्तराखंड में कमिश्नर देहरादून में बैठते हैं। बकौल रावत, मैं समझता हूं कि इस विवाद का समाधान बहुत पहले हो चुका है कि गैरसैंण राजधानी होगी। विधानसभा का शीतकालीन सत्र कहीं और भी आहूत हो सकता है। देहरादून में उपलब्ध सुविधाओं का भी उपयोग हो सकता है। लेकिन, राजधानी गैरसैंण ही होनी चाहिए। रावत ने अपनी पोस्ट में मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान गैरसैंण में कराए गए विकास कार्यों का ब्योरा भी लोगों के सामने रखा।हालांकि रावत के कार्यकाल में एक मर्तबा गैरसैंण में आयोजित विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने का प्रस्ताव ले आई थी। भाजपा ने तब अपनी सहमति दे दी थी कि कांग्रेस सरकार निर्णय ले, सभी दल उसका पूरा साथ देंगे। लेकिन, रावत इस सुनहरे मौके से चूक गए। बहुमत में होने के कारण कांग्रेस सरकार के वक्त भाजपा का प्रस्ताव पारित नहीं हो सका।

मुख्यमंत्री राजधानी पर सर्वदलीय बैठक बुलाएं
कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि गैरसैंण और राजधानी के विषय पर 18 साल में बहुत राजनीति हो चुकी है। यह उत्तराखंड की जनभावनाओं का मुद्दा है। लिहाजा, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को तत्काल सर्वदलीय बैठक बुलाकर इस पर फैसला कर लेना चाहिए कि गैरसैंण स्थायी राजधानी बनानी है या फिर कुछ और।

गैरसैंण पर कांग्रेस में ही अलग-अलग राग
देहरादून। गैरसैंण और राजधानी को लेकर कांग्रेस नेता अलग-अलग राग अलाप रहे हैं। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय शुरू से ही गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के पक्ष में रहे हैं। अब पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने खुलकर गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की बात कहनी शुरू कर दी है। दूसरी तरफ, नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने के पक्ष में हैं। प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने अभी कोई राय ही नहीं बनाई है। उनका कहना हैकि यह किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरी पार्टी का नीतिगत फैसला होगा। जो पार्टी तय करेगी, उसी स्टैंडपर चला जाएगा।

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Post source : agencies

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