ऋषिकेश: विदेशी सैलानियों के दल ने स्वामी चिदानन्द सरस्वती से की मुलाकात | Doonited.India

December 12, 2019

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ऋषिकेश: विदेशी सैलानियों के दल ने स्वामी चिदानन्द सरस्वती से की मुलाकात

ऋषिकेश: विदेशी सैलानियों के दल ने स्वामी चिदानन्द सरस्वती से की मुलाकात
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ऋषिकेश: विश्व के अनेक देशों से आये सैलानियों के दल ने परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी से मुलाकात कर आशीर्वाद प्राप्त किया। अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, इटली, ब्राजील सहित विश्व के अनेक देशों से आये दल के सदस्य परमार्थ निकेतन में रहकर योग, ध्यान, प्राणायाम, भारतीय संगीत और दर्शन को आत्मसात कर रहे है।

 स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर सभी पत्रकार बंधुओं और भगिनियों को हार्दिक शुभकामनायें देते हुये कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चतुर्थ स्तंभ है, पूरे देश की जनता के साथ संप्रेषण का सबसे बेहतर माध्यम और लोकतंत्र की बुनियाद भी है। मीडिया एक समय मे एक साथ पूरे देश के मानस पटल पर अपना प्रभाव और अपनी उपस्थिति छोड़ सकता है तथा जनता के मुद्दों के प्रस्तुतिकरण का सबसे उपयुक्त साधन है अतः मेरा मानना है कि मीडिया सत्य को प्रस्तुत करे, सकारात्मकता बनायें रखे साथ जी प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जनता को जागरूक करते रहे।

चर्चा के दौरान स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि योग, आयुर्वेद, ध्यान एवं भारतीय संस्कृति को आत्मसात करने के साथ यहां से पर्यावरण और नदियों के संरक्षण का संदेश लेकर जायें। मानसिक स्वास्थ्य के लिये योग अत्यंत महत्वपूर्ण है। पतंजलि योग सूत्र कहता है कि ’योगः चित्तवृति निरोधः’ तथा भगवद्गीता में कहा गया है कि ’समत्वम् योगमुच्यते’। सामान्य अर्थों में योग का तात्पर्य मेल से है तथा विचारों और कार्यो के बीच संतुलन, तन और मन के बीच समावेशी दृष्टिकोण के साथ ऊर्जा के उपयोग का माध्यम।

 स्वामी जी ने उन्हंे पर्यावरण एवं नदियों के संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने के लिये प्रेरित किया और कहा कि वैश्विक स्तर पर घटता भूजल स्तर और प्रदूषित होती प्राणवायु आॅक्सीजन के लिये मिलकर कार्य करने की जरूरत है। योग जीवन पद्धति है तथा जल और वायुु जीवन है। वर्तमान समय में प्रदूषित होती वायु और घटता जल स्तर भविष्य में जीवन पर आने वाले संकट का संदेश दे रहा है इसलिये अपनी अपनी सामथ्र्य एवं तकनीकी के आधार पर इस दिशा में कार्य करे। प्रकृति के साथ जुड़े और जोड़े तो निश्चित ही विलक्षण परिणाम प्राप्त होगें।

स्वामी जी ने कहा कि भारतीय संस्कृति और भारतीय दर्शन को जानने के लिये 2021 मंे हरिद्वार, उत्तराखण्ड में होने वाला कुम्भ मेला एक बेहतर अवसर है जब आप भारतीय अध्यात्म को जान सकते है। दल के सभी सदस्यों ने परमार्थ गंगा तट पर होने वाली दिव्य गंगा आरती में सहभाग किया तथा विश्व स्तर पर स्वच्छ जल की आपूर्ति होती रहे इस भावना से स्वामी जी महाराज के साथ वाटर ब्लेसिंग सेरेमनी सम्पन्न की और सभी ने पर्यावरण एवं नदियों के लिये मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।

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