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जेल में बंद अर्नब गोस्वामी से नहीं मिल पा रहा परिवार

जेल में बंद अर्नब गोस्वामी से नहीं मिल पा रहा परिवार
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इंटीरियर डिजाइनर को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में जेल में बंद रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी (Arnab Goswami) को परिवार से न मिलने देने पर महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) ने अब सफाई पेश की है. देशमुख ने कहा कि पिछले 4 महिनों से कोरोना के कारण जेल में बंद कैदियों से परिवार वालों को मिलने की सख्त मनाही है. ऐसे में परिवार के लोग फोन अथवा अन्य किसी दूसरे माध्यमों से हाल-चाल जान सकते हैं.





अर्नब की पत्नी ने किया था ये दावा
दरअसल, अर्णब गोस्वामी की पत्नी सम्यब्रता रे गोस्वामी ने हिरासत की जगह बदले जाने की आलोचना की थी. उन्होंने कहा, ‘मेरे पति ने बार-बार कहा कि ‘उनकी जान को खतरा था’ और जब उन्होंने जेलर से अपने वकीलों से मिलने देने की मांग की तो उनके साथ मारपीट की गई और मिलने से मना कर दिया गया.’ इसके बाद से ही पूरे देश में विरोध की लहर तेज हो रही थी. जिसके चलते सोमवार को राज्य गृह मंत्री ने सामने आकर सफाई पेश की.

कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका
आज ही बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) ने सुनवाई के बाद गोस्वामी और दो अन्य लोगों को अंतरिम जमानत देने से इंकार कर दिया है. न्यायमूर्ति एसएस शिंदे और न्यायमूर्ति एमएस कर्णिक की खंडपीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि ‘मौजूदा मामले में उच्च न्यायालय द्वारा असाधारण अधिकार क्षेत्र के प्रयोग किए जाने का कोई मामला नहीं बनता है.’ याचिका खारिज होने के चलते गोस्वामी को अब तालोजा जेल में ही रहना पड़ेगा.

क्या था पूरा मामला?
गोस्वामी, शेख और सरदा को अलीबाग पुलिस ने आरोपियों की कंपनी द्वारा बकाया राशि का कथित रूप से भुगतान नहीं किए जाने के कारण 2018 में अन्वय नाइक और उनकी मां को कथित रूप से आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में 4 नवंबर को गिरफ्तार किया था. मुंबई स्थित आवास से गिरफ्तार किए जाने के बाद गोस्वामी को अलीबाग ले जाया गया जहां मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (मजिस्ट्रेट) ने उन्हें पुलिस हिरासत में भेजने से इनकार कर दिया. अदालत ने गोस्वामी और दो अन्य आरोपियों को 18 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया. गोस्वामी को शुरुआत में एक स्थानीय स्कूल में रखा गया जो अलीबाग जेल के लिए अस्थाई कोविड-19 केन्द्र का काम कर रहा है. न्यायिक हिरासत में कथित रूप से मोबाइल फोन का उपयोग करते पकड़े जाने पर गोस्वामी को रायगढ़ जिले की तलोजा जेल भेज दिया गया.



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