September 18, 2021

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DRDO Chaff Technology : भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों को रडार की पकड़ में आने से बचाएगी

DRDO Chaff Technology : भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों को रडार की पकड़ में आने से बचाएगी

इलेक्ट्रॉनिक काउंटरमेजर तकनीक

DRDO के अनुसार यह एक इलेक्ट्रॉनिक काउंटरमेजर तकनीक है, जिसका इस्तेमाल दुनिया भर की सेनाएं नौसेना के जहाजों और विमानों की तरह अपनी संपत्ति की रक्षा के लिए करती हैं। यह संपत्ति को रडार और रेडियो फ्रीक्वेंसी से बचाता है। नौसैनिक जहाजों के मामले में हवा में शेफ रॉकेट तैनात किए जाते हैं, जो मिसाइल गाइडेंस टेक्नोलॉजी के लिए कई टारगेट के रूप में काम करती है।

इसका उपयोग रडार-ट्रैकिंग हथियारों को गुमराह करने के लिए किया जाता है। शेफ कई छोटे एल्यूमीनियम या जस्ता लेपित फाइबर से बना होता है। इसे प्लेन में कारतूस के रूप में रखा जाएगा।रक्षा मंत्रालय के अनुसार नौसेना की गुणात्मक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए स्वदेशी रूप से महत्वपूर्ण तकनीक के तीन संस्करण विकसित किए, जैसे शॉर्ट रेंज शेफ रॉकेट (SRCR), मीडियम रेंज शेफ रॉकेट (MRCR) और लॉन्ग रेंज शेफ रॉकेट (LRCR)।डीएलजे की ओर से एडवांस्ड शेफ टेक्नोलॉजी का सफल विकास आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम हैं।

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Advance Chaff Technology

देश की सेना के लिए आधुनिक और असरदार हथियार तथा सुरक्षा उपकरण विकसित करने वाले रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने एक ऐसी (Advance Chaff Technology) आधुनिक तकनीक तैयार की है. जिसका उपयोग दुश्मन की रडार-निर्देशित मिसाइलों को भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमानों को दुश्मन की मिसाइलों से बचाने के लिए किया जाता है. जोधपुर स्थित DRDO लैब ने पुणे की एनर्जी मैटेरियल रिसर्च लैब के साथ मिलकर आधुनिक Chaff material और chaff cartridge-118 को विकसित किया है जिसमें एयरफोर्स की जरूरत को पूरा करने की क्षमता है और DRDO की तरफ से कहा गया है कि सफल परीक्षण के बाद एयर फोर्स ने इस तकनीक का इस्तेमाल करना शुरू भी कर दिया है.

कोई भी तकनीक भारत द्वारा विकसित तकनीक जितनी प्रभावी नहीं

DRDO ने एक ऐसी आधुनिक तकनीक तैयार की है भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों को रडार की पकड़ में आने से बचाएगी. रक्षा सूत्रों के मुताबिक वर्तमान में किसी भी देश के पास फुल प्रुफ चैफ टेक्नोलॉजी नहीं है. ब्रिटेन में दो-तीन कंपनियों के पास यह तकनीक है जो व्यावसायिक उत्पादन करती है। डीआरडीओ जोधपुर ने इनका भी बारिकी से अवलोकन किया लेकिन कोई भी तकनीक भारत द्वारा विकसित तकनीक जितनी प्रभावी नहीं है.

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ, आईएएफ की सराहना की

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को इस महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी के स्वदेशी विकास के लिए डीआरडीओ, आईएएफ और उद्योग की सराहना की, इसे रणनीतिक रक्षा प्रौद्योगिकियों में ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक और डीआरडीओ कदम करार दिया.

Advance Chaff Technology का निर्माण जोधपुर में स्थित DRDO की डिफेंस प्रयोगशाला में हुआ है. यह एक इलेक्ट्रॉनिक काउंटर मेजर तकनीक है जिसका इस्तेमाल दुनिया भर की सेनाएं, नौसेना के जहाजों और विमानों की तरह अपनी संपत्ति की रक्षा के लिए करती हैं। यह संपत्ति को रडार और रेडियो फ्रीक्वेंसी से बचाता है.

निर्माण जोधपुर में स्थित DRDO की डिफेंस प्रयोगशाला में हुआ

इसे IAF की गुणात्मक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पुणे में स्थित High Energy Material Research Laboratory के सहयोग से विकसित किया गया है. DRDO के अनुसार, इस तकनीकी के सफल परीक्षणों के पूरा होने के बाद वायु सेना ने इस तकनीक को प्रयोग में लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

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Post source : DRDO

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