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केन्द्रीय सूचना आयोग ने दिया इंश्योरेन्स कम्पनी के अधिकारियों को सूचना अधिकार प्रशिक्षण का आदेश

केन्द्रीय सूचना आयोग ने दिया इंश्योरेन्स कम्पनी के अधिकारियों को सूचना अधिकार प्रशिक्षण का आदेश
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देहरादून:  केन्द्रीय सूचना आयोग ने इंश्योरेन्स कम्पनी के अधिकारियों को सूचना का अधिकार अधिनियम के प्र्रावधानोें की समझ न मानते हुये बीमा कम्पनी के अधिकारियों व कर्मचारियों को सूचना का अधिकार प्रशिक्षण देने का आदेश कम्पनी के अध्यक्ष को दिया है। यह आदेश काशीपुर निवासी गोपाल प्रसाद अग्रवाल की नदीम उद्दीन एडवोेकेट के माध्यम से दायर अपील पर मुख्य सूचना आयुक्त विमल जुल्का द्वारा दिया गया है।

काशीपुर निवासी गोपाल प्रसाद अग्रवाल ने अपने अधिवक्ता नदीम उद्दीन एडवोकेट के माध्सम से यूनाइटेड इंडिया इश्योरेन्स कम्पनी लि0 क्षेत्रीय कार्यालय देेहरादून के केेन्द्रीय जन सूचना अधिकारी से 23 अगस्त 2018 को सूचना प्रार्थना पत्र देकर अपनी फैक्ट्री के बीमा क्लेेम के सम्बन्ध में सूचना मांगी। इसका उत्तर 20 सितम्बर 2018 को कम्पनी के क्षेेत्रीय कार्यालय के द्वारा दिया गया जिसमें उन्होेंने व्यक्तिगत सूचना का बहाना लेने सहित विभिन्न आधारों पर मांगी गयी सूचना उपलब्ध कराने से इंकार किया। इस पर श्री अग्रवाल ने अपनेे अधिवक्ता नदीम उद्दीन एडवोकेट के माध्यम सेे प्र्रथम अपील 13-10-2018 को प्रथम अपीलीय अधिकारी कोे दायर की। जिस पर 30-10-2018 के आदेश से  अपीलीय अधिकारी नेे केन्द्रीय जन सूचना अधिकारी केे आदेेश को सही माना तथा सूचना नहीं उपलब्ध करायी।

सूचना उपलब्ध न होेने पर श्री अग्रवाल नेे अपने अधिवक्ता नदीम उद्दीन एडवोकेट के माध्यम से केन्द्रीय सूचना आयोेग को द्वितीय अपील की जिसमें वांछित सूचना उपलब्ध करानेे के साथ-साथ अधिकारियों को आवश्यक प्रशिक्षण की भी मांग की गयी। 01 जुलाई 2020 को केन्द्रीय सूचना आयोेग केे मुख्य सूचना आयुक्त विमल जालान के समक्ष वीडियो कांफ्रेसिंग से द्वितीय अपील की सुनवाई हुई। जिसमें अपीलकर्ता की ओर से दिये गये तर्कों से सहमत होते हुये केन्द्रीय जन सूचना अधिकारी के आदेश को गलत मानते हुये केन्द्र्रीय जन सूचना अधिकारी को मांगी गयी सूचना आदेश प्राप्ति से 15 दिन केे अन्दर देने का आदेश दिया। साथ ही दिल्ली उच्च न्यायालय के दो फैसलांे का उल्लेख करते हुये स्पष्ट किया कि यह एक स्थापित सिद्धांत है कि वैसी सूचना जो प्रार्थी से सम्बन्धित है, प्रदान किया जाना चाहिये और इस सन्दर्भ में सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 8(1) के प्रावधानों केे अन्तर्गत प्रकटन से छूूट का दावा नहीं किया जा सकता है।

मुख्य सूचना आयुक्त विमल जुल्का ने अपने निर्णय व आदेेश में स्पष्ट लिखा हैै कि आयोग की यह मान्यता हैै कि प्राधिकरण (यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेन्स कम्पनी लि0) के अधिकारियों को सूचना का अधिकार अधिनियम केे संगत प्राविधानों की समझ नहीं है। इस बात की नितान्त आवश्यकता हैै कि अधिकारियों/कर्मचारियों के प्रशिक्षण हेतु कार्यशालाओं का आयोजन किया जाए ताकि लोक प्राधिकरण के विभिन्न कार्यालयोें में सूचना अधिकार अधिनियम की शासन पद्वति की स्थापना सुनिश्चित हो सके। मुख्य सूचना आयुक्त ने इस निर्णय की प्रति अध्यक्ष यूनाइटेेड इंश्योरेन्स कम्पनी लि0 को भेेजने के भी आदेश दिये हैं। सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन एडवोकेट ने केन्द्रीय सूचना आयोग के इस आदेश का स्वागत करते हुये आशा व्यक्त की है कि इस निर्णय का अनुसरण करते हुये ऐसे ही निर्णय सूचना अधिकार का कम जानकारी के कारण पालन न करने वाले विभागोें व लोक प्राधिकारियों केे मामले में उत्तराखंड सूचना आयोेग सहित विभिन्न राज्य सूचना आयोेग करेंगे।




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