July 31, 2021

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मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ साहित्यकार एवं रंगकर्मी उर्मिल थपलियाल जी के निधन पर शोक व्यक्त किया

मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ साहित्यकार एवं रंगकर्मी  उर्मिल थपलियाल जी के निधन पर शोक व्यक्त किया

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने वरिष्ठ साहित्यकार एवं रंगकर्मी श्री उर्मिल थपलियाल के निधन पर शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है।  
     

मुख्यमंत्री ने श्री उर्मिल थपलियाल के निधन को समाज के लिये अपूरणीय क्षति बताया है।

16 जुलाई 1943 को गढ़वाल में उनका जन्म हुआ था. वह बहुत अभावों और मुश्किलों में पले बढ़े थे. उन्होंने बचपन में रामलीला में सीता का किरदार अदा करते करते अभिनय को आत्मसाथ कर लिया. वर्ष 1965 में लखनऊ आ गये और आकाशवाणी लखनऊ में कार्यरत हो गए.

सोहन लाल थपलियाल के नाम से आकाशवाणी में प्रादेशिक समाचार पढ़ते-पढ़ते आकाशवाणी के लिए एक दो मिनट के फिलर के लिए आधुनिक विषयों को नौटकी के व्याकरण से जोड़ने लगे. 1971 में प्रोफेसर सत्यमूर्ति (मास्साब) लखनऊ में आधुनिक रंगमंच के लिए दर्पण कानपुर की लखनऊ इकाई की स्थापना करना चाहते थे. उन्होंने थपलियाल के साथ मिलकर दर्पण लखनऊ की स्थापना की.

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संगीत प्रधान नाटकों के इतर भी, उनके द्वारा निर्देशित कई चर्चित नाटक रहे जिनमें किसी एक फूल का नाम लो, सूर्य की अंतिम किरण.. , गुफायें, हनीमून, खूबसूरत बहू, कमला, कागजी है पैरहन, हे ब्रेख्त इत्यादि शामिल हैं. उन्हें यश भारती, केन्द्रीय संगीत नाटक अकादमी अवार्ड, उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी की रत्न सदस्यता और अकादमी पुरस्कार, उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान का कला भूषण व भारतेन्दु हरिश्चंद्र पुरस्कार जैसे अनेक पुरस्कारों से सम्मानित किया गया.

उन्होंने कई अखबारों पत्रिकाओं के लिए लेख और कॉलम लिखें. 200 से भी अधिक नाटकों का निर्देशन किए थे.

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