Poetry – कविता कुंज | Doonited.India

March 25, 2019

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Poetry - कविता कुंज
  • देहरादून वाला हूँ : नरेंद्र सिंह नेगी

      अपणुं सी दिखेंणु छे रे, लगणुं भल सि मौ को छे – अपणुं सी दिखेंणु छे रे, लगणुं भल सि मौ को छे कां बे ...

      अपणुं सी दिखेंणु छे रे, लगणुं भल सि मौ को छे – अपणुं सी दिखेंणु छे रे, लगणुं भल सि मौ को छे कां बे ऐ रे पहाड़ी भुला, के जिला के गौं को छे? के जिला के गौं को छे? गढवालि कुमौं नि हूं, ना भुला, ना ...

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  • रिश्ते पुराने होते हैं, पर “मायका” पुराना नही होता। By  अमृता प्रीतम

    रिश्ते पुराने होते हैं, पर "मायका" पुराना नही होता। जब भी जाओ ..... अलाये-बलायें टल जाये, यह दुआयें मांगी ...

    रिश्ते पुराने होते हैं, पर "मायका" पुराना नही होता। जब भी जाओ ..... अलाये-बलायें टल जाये, यह दुआयें मांगी जाती हैं। यहां-वहां बचपन के कतरे बिखरे होते हैं, कहींहंसी,कहीं खुशी,कहीं आंसू सिमटे होते हैं। ...

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  • Muktak by Jasveer Singh Haldhar

    दोहे -हास्य व्यंग —————————— 1 गधे जलेबी खा रहे ,घोड़े खायें घास । अनपढ़ नेता जी करे ,टी वी पर बकवास ।। 2 क ...

    दोहे -हास्य व्यंग —————————— 1 गधे जलेबी खा रहे ,घोड़े खायें घास । अनपढ़ नेता जी करे ,टी वी पर बकवास ।। 2 काने को काना कहो ,तुरत लड़ाई होय । प्रेम प्यार से पूंछ लो , कहाँ आँख दी खोय ।। 3 रडुआ रोया रात को ...

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  • Mai Bhula Dungi Tujhe | Poetry by Aparna Tomar

    Our city already settled it's feet in the field of dancing, singing, fashion, sports and acting. And now ...

    Our city already settled it's feet in the field of dancing, singing, fashion, sports and acting. And now it's the time to go for other fields as well. Please do watch the video. If you like it then pl ...

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  • चोरी हो जाते है सपने : अशोक कुमार शुक्ला

      क्या लिखना था याद तो है लेकिन कैसे लिखूं..? छुटकी का संदेशा आया है "पता नहीं क्यों.. नींद नहीं आती ...

      क्या लिखना था याद तो है लेकिन कैसे लिखूं..? छुटकी का संदेशा आया है "पता नहीं क्यों.. नींद नहीं आती सारी सारी रात  यूँ ही आँखों में गुजर जाती है आँख अगर लगती भी पल भर को तो दीखते हैं  अजीब अजीब ...

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  • भोटिए :  राजा खुगशाल

    खेतों में पकने लगती है गेहूँ की फ़सल धीरे-धीरे गर्माने लगता है मौसम भेड़-बकरियों के अपने झुण्ड के साथ भोट ...

    खेतों में पकने लगती है गेहूँ की फ़सल धीरे-धीरे गर्माने लगता है मौसम भेड़-बकरियों के अपने झुण्ड के साथ भोटिए घर लौटते हैं पीठ पर ऊन के गट्ठर लादे नवजात मेमनों को कन्धों पर रखे वे नदी-नदी, जंगल-जंगल उत् ...

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  • || तेवरी || By Ramesh Raj

    || तेवरी || अब बन जा तू कान्हा प्यारे द्रोपदि का चीर बढ़ा प्यारे | कुछ मात-पिता की सेवा कर मत केवल गाय बचा ...

    || तेवरी || अब बन जा तू कान्हा प्यारे द्रोपदि का चीर बढ़ा प्यारे | कुछ मात-पिता की सेवा कर मत केवल गाय बचा प्यारे | तू सूर्य-पुत्र है कर्ण अगर धंसना रथ का पहिया प्यारे | क्या तेरा नाम जटायू है ? फिर ची ...

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  • Gazal by Shanti Swaroop Mishra

    कितना मतलबी है जमाना, नज़र उठा कर तो देख कोंन कितना है तेरे क़रीब, नज़र उठा कर तो देख न कर यक़ीं सब पर, ये दु ...

    कितना मतलबी है जमाना, नज़र उठा कर तो देख कोंन कितना है तेरे क़रीब, नज़र उठा कर तो देख न कर यक़ीं सब पर, ये दुनिया बड़ी ख़राब है दोस्त, आग घर में लगाता है कोंन, नज़र उठा कर तो देख भला आदमी के गिरने में, कहाँ  ...

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  • ये औरतें भी न! By Nanda Jakhmola Kestwal

    ये औरतें भी न! दो मिनट की आरामदायक और  बच्चों के पसंद की ज़ायकेदार मैगी को छोड़,  किचन में गर्मी में तप कर  ...

    ये औरतें भी न! दो मिनट की आरामदायक और  बच्चों के पसंद की ज़ायकेदार मैगी को छोड़,  किचन में गर्मी में तप कर  हरी सब्ज़ियाँ बनाती फिरती हैं। बच्चे मुँह बिचकाकर  नाराज़गी दिखलाते हैं सो अलग, फिर भी बाज नहीं ...

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  • Movie: Aisha Year: 2010 Director: Rajshree Ojha Music: Amit Trivedi Lyrics: Javed Akhtar Singers: Amit Tr ...

    Movie: Aisha Year: 2010 Director: Rajshree Ojha Music: Amit Trivedi Lyrics: Javed Akhtar Singers: Amit Trivedi, Neuman Pinto शाम भी कोई जैसे है नदी लहर लहर जैसे बह रही है कोई अनकही कोई अनसुनी बात धीमे ...

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