Poetry – कविता कुंज | Doonited.India

July 19, 2019

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Poetry - कविता कुंज
  • मिलिए उत्तराखंड के अत्यंत रचनात्मक कवि और लेखक अनिल कार्की जी से

    पिता बरसात में बादलों को चौबीस तिल्लियों वाले गोल काले छाते के भीतर समेट लेते थे ईजा थी कि अपने ’घोघ’ में ...

    पिता बरसात में बादलों को चौबीस तिल्लियों वाले गोल काले छाते के भीतर समेट लेते थे ईजा थी कि अपने ’घोघ’ में सीमेटे रहती चौमास की नदियाँ जो छलछलाती थी उसके अन्तस में ईजा के घोघ के सामने पिता का काला छाता ...

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  • हाँ, मैं बेटी का घर बिगाड़ने वाली बुरी माँ हूँ…

    मैं नहीं सिखा पाऊँगी अपनी बेटी को बर्दाश्त करना एक ऐसे आदमी को जो उसका सम्मान न कर सके। कैसे सिखाए कोई मा ...

    मैं नहीं सिखा पाऊँगी अपनी बेटी को बर्दाश्त करना एक ऐसे आदमी को जो उसका सम्मान न कर सके। कैसे सिखाए कोई माँ अपनी फूल सी बच्ची को कि पति की मार खाना सौभाग्य की बात है? मैंने तो सिखाया है कोई एक मारे तो ...

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  • महान कवि तुलसीदास की प्रतिभा-किरणों से समस्त संसार आलोकित हो रहा

    जन्म काल महान कवि तुलसीदास की प्रतिभा-किरणों से न केवल हिन्दू समाज और भारत, बल्कि समस्त संसार आलोकित हो र ...

    जन्म काल महान कवि तुलसीदास की प्रतिभा-किरणों से न केवल हिन्दू समाज और भारत, बल्कि समस्त संसार आलोकित हो रहा है । बड़ा अफसोस है कि उसी कवि का जन्म-काल विवादों के अंधकार में पड़ा हुआ है। अब तक प्राप्त श ...

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  • Kavita by Vinod Sagar

    —- बाल-दिवस —–   बाल-दिवस के अवसर पर मंच पर खड़े होकर नेताजी बच्चों के बचपन बचाने के लिए लम्बे वादों ...

    —- बाल-दिवस —–   बाल-दिवस के अवसर पर मंच पर खड़े होकर नेताजी बच्चों के बचपन बचाने के लिए लम्बे वादों में लम्बी क़समों का मिश्रित मलाई घाँट कर रहे थे, वहीं मंच के नीचे बैठकर दर्ज़न भर ग़रीब घर के बच्च ...

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  • Kavita by Ajeet Singh Avdan

    आध्यात्म ~~ भक्त प्रार्थना यूँ करें, सब निर्भर हरि साथ । कर्म करें ऐसे सदा, सब कुछ अपने हाथ ।।   प्र ...

    आध्यात्म ~~ भक्त प्रार्थना यूँ करें, सब निर्भर हरि साथ । कर्म करें ऐसे सदा, सब कुछ अपने हाथ ।।   प्रकृति कही सुनते रहें, नहीं अनसुनी होय । निज अन्तर्मन-ध्वनि सदा, पहचानें सब कोय ।   कहीं बिन ...

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  • Kavita by Brij Vyas

    ” हमने दिल हारा ” !!   ये अदा है , या इशारा !!   नख शिख तक , बांकपन ऐसा ! मोहपाश का , बन्धन कसा ...

    ” हमने दिल हारा ” !!   ये अदा है , या इशारा !!   नख शिख तक , बांकपन ऐसा ! मोहपाश का , बन्धन कसा ! चटकीली – आभा रक्तिम , कैसे करें किनारा !!   गलबहियां , लेते कुन्तल ! मदभरे नयन , मची हल ...

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  • Kavita by Vijay Narayan Agrwal

    बाल कविता……   बाल मेला   स्कूल में लगा आज बाल  मेला परिसर  में  मचा  है  ठेलमठेला । रंग-बिरंगे ...

    बाल कविता……   बाल मेला   स्कूल में लगा आज बाल  मेला परिसर  में  मचा  है  ठेलमठेला । रंग-बिरंगे गुब्बारे , खेल-खिलौने, चाट -पकवानों से सजा है मेला ।।   कोई बना नेताजी,कोई गुरु चेला किसी ...

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  • Kavita by Vijay Narayan Agrwal

    भोग व्यवस्था हर मानव की निश्चित हो आधार में नारी-शिशु में पीर  प्रवाहित  छल – बल  द्रोणाचार में सीमाओं पर ...

    भोग व्यवस्था हर मानव की निश्चित हो आधार में नारी-शिशु में पीर  प्रवाहित  छल – बल  द्रोणाचार में सीमाओं पर  दम्भ  कुलाहल  शस्त्र  रखे भन्डार  में धधक रही नित रस की सरिता  करुवाहट     बाजार में सलिल धार ...

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  • Gazal by Kavi Rajesh Purohit

    गरीबों में ईश्वर जिसने खोजा है। असल में वहीं करतार रहता है।।   योजनाओं का लाभ मिले उन्हें। जो असल मे ...

    गरीबों में ईश्वर जिसने खोजा है। असल में वहीं करतार रहता है।।   योजनाओं का लाभ मिले उन्हें। जो असल में हकदार रहता है।।   मेरे शहर में डेंगू ने पैर पसारे है। हर कोई अब  बीमार रहता है।।   ...

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  • Bhishma Pitamaha of Uttarakhand folk music : Chander Singh Rahi 

     Chander Singh Rahi fondly called the “Bhishma Pitamaha of Uttarakhand folk music” for his deep devotion ...

     Chander Singh Rahi fondly called the “Bhishma Pitamaha of Uttarakhand folk music” for his deep devotion to the music of Uttarakhand curated more than 2500 folk songs from Uttarakhand and gave his voi ...

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  • Ghughuti Na Basa: Uttarakhand’s Favorite Song

    Folk music of Uttarakhand refers to the traditional and contemporary songs of Kumaon and Garhwal regions ...

    Folk music of Uttarakhand refers to the traditional and contemporary songs of Kumaon and Garhwal regions in the foothills of Himalayas. This music has its root in the lap of nature and the hilly terra ...

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  • Bedu Pako Baro Masa बेडु पाको बारो मासा

    Bedu Pako Baro Masa (Kumaoni: बेडु पाको बारो मासा, English: Figs do ripen round the year) is an Uttarakha ...

    Bedu Pako Baro Masa (Kumaoni: बेडु पाको बारो मासा, English: Figs do ripen round the year) is an Uttarakhandi folk song which was composed by Mohan Upreti, B. M. Shah and written by Brijendra Lal Shah. ...

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  • हास्य कवि प्रदीप चौबे का लंबी बीमारी के बाद निधन

    जाने माने हास्य कवि प्रदीप चौबे का निधन हो गया। वे मध्यप्रदेश के ग्वालियर में रहते थे। खबर है कि दिल में ...

    जाने माने हास्य कवि प्रदीप चौबे का निधन हो गया। वे मध्यप्रदेश के ग्वालियर में रहते थे। खबर है कि दिल में तकलीफ के चलते उन्हें ग्वालियर में भर्ती कराया गया था। चौबे के निधन से साहित्य प्रेमी गम में डूब ...

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  • मेरे विद्यार्थीकाल की सर्वश्रेष्ठ प्रार्थना यही थी – GPB (गोविन्द प्रसाद बहुगुणा )

    प्रान्तीयकरण से पूर्व स्वामी सच्चिदानंद इण्टर कॉलेज रुद्रप्रयाग में सन १९५८ तक प्रधानाचार्य के पद पर रहे ...

    प्रान्तीयकरण से पूर्व स्वामी सच्चिदानंद इण्टर कॉलेज रुद्रप्रयाग में सन १९५८ तक प्रधानाचार्य के पद पर रहे श्री हीराबल्लभ जी थपलियाल को मैं अपने आदर्श गुरुजनों की श्रेणी में गिनता हूँ, उनके प्रति मेरी श ...

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  • देहरादून वाला हूँ : नरेंद्र सिंह नेगी

      अपणुं सी दिखेंणु छे रे, लगणुं भल सि मौ को छे – अपणुं सी दिखेंणु छे रे, लगणुं भल सि मौ को छे कां बे ...

      अपणुं सी दिखेंणु छे रे, लगणुं भल सि मौ को छे – अपणुं सी दिखेंणु छे रे, लगणुं भल सि मौ को छे कां बे ऐ रे पहाड़ी भुला, के जिला के गौं को छे? के जिला के गौं को छे? गढवालि कुमौं नि हूं, ना भुला, ना ...

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  • रिश्ते पुराने होते हैं, पर “मायका” पुराना नही होता। By  अमृता प्रीतम

    रिश्ते पुराने होते हैं, पर "मायका" पुराना नही होता। जब भी जाओ ..... अलाये-बलायें टल जाये, यह दुआयें मांगी ...

    रिश्ते पुराने होते हैं, पर "मायका" पुराना नही होता। जब भी जाओ ..... अलाये-बलायें टल जाये, यह दुआयें मांगी जाती हैं। यहां-वहां बचपन के कतरे बिखरे होते हैं, कहींहंसी,कहीं खुशी,कहीं आंसू सिमटे होते हैं। ...

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  • Muktak by Jasveer Singh Haldhar

    दोहे -हास्य व्यंग —————————— 1 गधे जलेबी खा रहे ,घोड़े खायें घास । अनपढ़ नेता जी करे ,टी वी पर बकवास ।। 2 क ...

    दोहे -हास्य व्यंग —————————— 1 गधे जलेबी खा रहे ,घोड़े खायें घास । अनपढ़ नेता जी करे ,टी वी पर बकवास ।। 2 काने को काना कहो ,तुरत लड़ाई होय । प्रेम प्यार से पूंछ लो , कहाँ आँख दी खोय ।। 3 रडुआ रोया रात को ...

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  • Mai Bhula Dungi Tujhe | Poetry by Aparna Tomar

    Our city already settled it's feet in the field of dancing, singing, fashion, sports and acting. And now ...

    Our city already settled it's feet in the field of dancing, singing, fashion, sports and acting. And now it's the time to go for other fields as well. Please do watch the video. If you like it then pl ...

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  • चोरी हो जाते है सपने : अशोक कुमार शुक्ला

      क्या लिखना था याद तो है लेकिन कैसे लिखूं..? छुटकी का संदेशा आया है "पता नहीं क्यों.. नींद नहीं आती ...

      क्या लिखना था याद तो है लेकिन कैसे लिखूं..? छुटकी का संदेशा आया है "पता नहीं क्यों.. नींद नहीं आती सारी सारी रात  यूँ ही आँखों में गुजर जाती है आँख अगर लगती भी पल भर को तो दीखते हैं  अजीब अजीब ...

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  • भोटिए :  राजा खुगशाल

    खेतों में पकने लगती है गेहूँ की फ़सल धीरे-धीरे गर्माने लगता है मौसम भेड़-बकरियों के अपने झुण्ड के साथ भोट ...

    खेतों में पकने लगती है गेहूँ की फ़सल धीरे-धीरे गर्माने लगता है मौसम भेड़-बकरियों के अपने झुण्ड के साथ भोटिए घर लौटते हैं पीठ पर ऊन के गट्ठर लादे नवजात मेमनों को कन्धों पर रखे वे नदी-नदी, जंगल-जंगल उत् ...

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