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Book Review किताबों पर समीक्षा
समीक्षा: पोस्ट बॉक्स नंबर 203 नालासोपारा

समीक्षा: पोस्ट बॉक्स नंबर 203 नालासोपारा

पुस्तक समीक्षा: पोस्ट बॉक्स नंबर 203 नालासोपारा लेखक: चित्रा मुद्‍गल  मूल्य: रु. 200 (पेपर बैक)   सामयिक पेपरबैक्स  हमारे वक़्त की और हम जैसों की कहानी रचनेवाली चित्रा मुद्‍गल जब कुछ नया लिखती हैं, तो उसे पढ़ने की ललक ही कुछ और होती है. उनकी कहानियों और उपन्यासों के क़िरदार आसपास से गुज़रते से लगते हैं....
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Review : कटघरे

Review : कटघरे

पुस्तक समीक्षा: कटघरे लेखक: ए. असफल मूल्य: रु. 99 (पेपर बैक)   ज्योतिपर्व प्रकाशन  एक प्रतिभाशाली, संवेदनशील और ईमानदार आईएएस अफ़सर का जीवन वृतांत कहता यह उपन्यास समाज द्वारा बनाए गए विभिन्न कटघरों में क़ैद मनुष्य की कथा है. नायक ब्रह्म कुमार, जो कि एक युवा एसडीएम है अपनी जातीय पहचान के मानसिक कटघरे में...
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दो सुल्तान, दो बादशाह और उनका प्रणय-परिवेश

दो सुल्तान, दो बादशाह और उनका प्रणय-परिवेश

पुस्तक समीक्षा: दो सुल्तान, दो बादशाह और उनका प्रणय-परिवेश लेखक: हेरम्ब चतुर्वेदी मूल्य: रु. 200 (पेपर बैक)  वाणी प्रकाशन मुग़ल बादशाहों में सबसे कट्टर और सख़्त माना जानेवाला औरंगज़ेब क्या एक प्रेमी भी हो सकता था? दिल्ली के सुल्तान जलालुद्दीन खलजी का सगा भतीजा और उसकी बड़ी बेटी का पति अलाउद्दीन आख़िर किन...
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सौ कोस मूमल

सौ कोस मूमल

सौ कोस मूमल लेखिका: डॉ मीनाक्षी स्वामी मूल्य: रु. 185 (पेपरबैक) स्टोरी मिरर इन्फ़ोटेक मुझे याद है, जब मैं छोटी थी तब नानी मुझे उस राजकुमार की कहानी सुनाती थीं, जो हर रात ऊंट पर चढ़कर दूर देश की राजकुमारी से मिलने जाता था और सुबह होने से पहले घर लौट आता था. राजस्थान की यह लोककथा ...
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मनीषा कोइराला की पहली बुक रेडी

मनीषा कोइराला की पहली बुक रेडी

अभिनेत्री मनीषा कोइराला ने ‘द बुक ऑफ अनटोल्ड स्टोरीज’ नामक अपनी पहली किताब लिखी है। मनीषा ने बुधवार को इंस्टाग्राम पर अपनी किताब का पहला लुक शेयर किया था। उन्होंने लिखा, “धन्यवाद पेंगुइन इंडिया, गुर्विन चड्ढा जिन्होंने मुझे कहानी कहने के लिए प्रोत्साहित किया’..अनटोल्डा स्टोरीज...
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मैं मन हूं : By शिल्पा शर्मा

मैं मन हूं : By शिल्पा शर्मा

पुस्तक समीक्षा: मैं मन हूं लेखक: दीप त्रिवेदी  मूल्य: रु. 295 (पेपर बैक)  आत्मन इनोवेशन प्रा लि दीप त्रिवेदी, कुशल वक्ता हैं और स्पिरिचुअल साइकोडायनामिक्स के आधार पर जीवन और सफलता का मनोवैज्ञानिक आकलन करते हैं. इस किताब में उन्होंने मन की व्याख्या बड़े ही दिलचस्प अंदाज़ में की है. मन पाठक से बात करते ...
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एलिस एक्का की कहानियां : Review

एलिस एक्का की कहानियां : Review

पुस्तक समीक्षा: एलिस एक्का की कहानियां लेखिका: एलिस एक्का (संपादन: वंदना टेटे)   मूल्य: रु. 200 (हार्ड बाउंड)  राधाकृष्ण प्रकाशन भारत की पहली आदिवासी स्त्री कथाकार मानी जानेवाली एलिस एक्का, पहली आदिवासी महिला ग्रैजुएट भी थीं. ’50 और ’60 के दशक में साप्ताहिक आदिवासी में छपी उनकी छह कहानियां और उनके द्वार...
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हलाला : समीक्षा

हलाला : समीक्षा

लेखक: भगवानदास मोरवाल मूल्य: रु. 175 (पेपर बैक)  प्रकाशक: वाणी प्रकाशन लेखक भगवानदास मोरवाल ने उपन्यास हलाला के माध्यम से धर्म की आड़ में हो रहे स्त्री-शोषण पर प्रकाश डाला है. हलाला वह प्रथा है, जिसमें कोई तलाक़शुदा महिला अपने पहले पति के पास दोबारा तब जा सकती है, जब उसका किसी दूसरे पुरुष से ...
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हार नहीं मानूंगा Book Review by मीनाक्षी 

हार नहीं मानूंगा Book Review by मीनाक्षी 

लेखक: विजय त्रिवेदी   मूल्य: रु. 399 (पेपर बैक)  हार्पर हिंदी हार नहीं मानूंगा पिछले दिनों की सबसे चर्चित किताबों में एक रही है. यह भारतीय राजनीति के सबसे चमकीले सितारों में रहे भारतीय जनता पार्टी के शिखर पुरुष और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जीवनी है. हाल के कुछ वर्षों को छोड़ दें तो ...
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Book Review : दिल्ली दरबार by अमरेन्द्र यादव

Book Review : दिल्ली दरबार by अमरेन्द्र यादव

पुस्तक समीक्षा: दिल्ली दरबार by अमरेन्द्र यादव लेखक: सत्य व्यास मूल्य: रु. 150 (पेपर बैक) हिंद युग्म  फ़ॉर्मूला फ़िल्मों की तरह ही हिंदी में इन दिनों फ़ॉर्मूला किताबों का दौर चल निकला है. इस दौर को आप ना तो बहुत अच्छा कह सकते हैं और ना ही बुरा कहकर पूरी तरह ख़ारिज करना सही होगा, क्योंकि ...
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समीक्षा: दिल्ली था जिसका नाम

समीक्षा: दिल्ली था जिसका नाम

लेखक: इन्तिज़ार हुसैन (अनुवादक: शुभम मिश्र) मूल्य: रु. 395 (पेपर बैक) सेज पब्लिकेशन्स इंडिया   इन्तिज़ार हुसैन की उर्दू में लिखी इस किताब का तर्जुमा नहीं किया गया है, अनुवादक द्वारा बस इसका लिप्यंतर कर दिया गया है. इसे पुस्तक की ख़ूबी कह सकते हैं और बड़ी ख़ामी भी. ख़ूबी इसलिए क्योंकि इसे पढ़ते समय उर्दू क...
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पुस्तक समीक्षा: बा

पुस्तक समीक्षा: बा

बा लेखक: गिरिराज किशोर मूल्य: रु. 250 (पेपर बैक)  राजकमल प्रकाशन क्या कस्तूरबा नहीं होतीं तो मोहनदास करमचंद गांधी सही मायने में महात्मा गांधी बन पाते? कस्तूरबा गांधी के जीवन पर लिखे उपन्यास बा को पढ़ते हुए यह सवाल आपके मन में कई बार उठेगा. महात्मा गांधी के ऊपर बहुचर्चित किताब पहला गिरमिटिया लिख चुके वरि...
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छोटी-सी बात तथा अन्य कहानियां

छोटी-सी बात तथा अन्य कहानियां

समीक्षा: छोटी-सी बात तथा अन्य कहानियां लेखक: देवेन्द्र कुमार मिश्रा मूल्य: रु. 400 (हार्ड बाउंड) लेखक देवेन्द्र कुमार मिश्रा के कहानी संग्रह छोटी-सी बात और अन्य कहानियां में कुल 22 कहानियां हैं. इस संग्रह में लेखक ने कई विषयों को समेटने की कोशिश की है. धर्म, जाति, सामाज और राजनीति जैसे कई मुद्दों को छूत...
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समीक्षा: मुसाफ़िर कैफ़े

समीक्षा: मुसाफ़िर कैफ़े

पुस्तक समीक्षा: मुसाफ़िर कैफ़े लेखक: दिव्य प्रकाश दुबे मूल्य: रु. 150 (पेपर बैक)  हिंदयुग्म  धर्मवीर भारती के कालजयी उपन्यास गुनाहों का देवता के तीन केंद्रीय पात्र सुधा, चंदर और पम्मी आज के अंदाज़ में दिखेंगे मसाला चाय और टर्म्स ऐंड कंडिशन्स अप्लाई नामक दो कहानी संग्रह लिखनेवाले दिव्य प्रकाश दुबे के पहले...
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लाला हरपाल के जूते और अन्य कहानियां

लाला हरपाल के जूते और अन्य कहानियां

 लाला हरपाल के जूते और अन्य कहानियां लेखक: सुभाष चंद्र कुशवाहा मूल्य: रु. 199 (पेपर बैक) पेंगुइन बुक्स दामाद द्वारा दिए अमेरिकी जूते पहनकर लाला हरपाल का मिज़ाज बदल जाता है. आज़ादी की लड़ाई में भाग ले चुके लाला पुराने विचारों और आदर्शों को तिलांजलि दे देते हैं. असल में लाला तो एक माध्यम हैं, लेखक तेज़ी ...
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समीक्षा: लता सुर-गाथा

समीक्षा: लता सुर-गाथा

समीक्षा: लता सुर-गाथा लेखक: यतीन्द्र मिश्र  मूल्य: रु. 615 (पेपर बैक)  वाणी प्रकाशन लता मंगेशकर हमारे देश की ऐसी शख़्सियत हैं, जिनसे यहां का हर बाशिंदा जुड़ा हुआ है. उनके गाए अनगिनत गानों में एक-दो गाने ऐसे ज़रूर होते हैं, जिससे आपके अस्तित्व की पहचान बन जाती है. यूं तो पचास के बाद की पीढ़ी ...
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उत्तराखंड के लोकजीवन और लोकसंस्कृति: Book Review

उत्तराखंड के लोकजीवन और लोकसंस्कृति: Book Review

उत्तराखंड के लोकजीवन और लोकसंस्कृति के रंगमंच मेले- थौले – कौथिक का बहुत सुंदर वर्णन है इस पुस्तक में ,इस वर्ष पुस्तक मेले में किताबों को उलटने पलटने में जब इस किताब को उलटपलट रही थी तो इतने सारे मेलों का वर्णन देख ही इसे खरीदा –लेखक ने बहुत मेहनत की होगी इन सभी मेलों ...
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नैनीताल, एक धरोहर : Book Review

नैनीताल, एक धरोहर : Book Review

प्रयाग पांडे द्वारा रचित यह पुस्तक नैनीताल के विषय में जानने वालों के लिए खजाना है। नैनीताल का परिचय बाहरी दुनिया से 1841 में पीटर बैेरेन के लेख से होता है। सात पहाड़ियों से घिरे इस झील की खूबसूरती को बैरेन ने इस ढंग से लिखा था कि पहले पहल इसके अस्तित्व पर सवाल उठने ...
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