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सिखों के 10वें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती

सिखों के 10वें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती

गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती 20 जनवरी 2021 को है. गुरु गोबिंद सिंह जी सिखों के 10वें गुरु थे. सिख समुदाय के लोग गुरु गोबिंद सिंह की जयंती को प्रकाश पर्व के रूप में बड़े ही उमंग और उत्साह के साथ मनाते हैं. उनका जन्म पटना में हुआ था. सिखों के 10वें गुरु हिंदू ...
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Bedu Pako Baro Masa बेडु पाको बारो मासा

Bedu Pako Baro Masa बेडु पाको बारो मासा

Bedu Pako Baro Masa (Kumaoni: बेडु पाको बारो मासा, English: Figs do ripen round the year) is an Uttarakhandi folk song which was composed by Mohan Upreti, B. M. Shah and written by  Brijendra Lal Shah. This song was composed, written and first performed in early 1950s and has become immensely popular no...
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चोरी हो जाते है सपने : अशोक कुमार शुक्ला

चोरी हो जाते है सपने : अशोक कुमार शुक्ला

क्या लिखना थायाद तो हैलेकिन कैसे लिखूं..?छुटकी का संदेशा आया है“पता नहीं क्यों..नींद नहीं आतीसारी सारी रात यूँ ही आँखों में गुजर जाती हैआँख अगर लगती भी पल भर कोतो दीखते हैं अजीब अजीब से सपनेमैं क्या करूँ दद्दा…?”मैंने भी सारे परंपरागत उपदेश उंडेल दिए इनबॉक्स में...
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नाम भारत कैसे पड़ा?

नाम भारत कैसे पड़ा?

What is the Meaning of India हम जिस देश में रहते है उस देश के बारे में जानकारी रखना हमारा पहला कर्त्तव्य है हालांकि हम से ज्यादातर लोग इस बात ये अनजान है कि हमारे देश का अधिकारिक नाम क्या है और उसे ये नाम क्यों दिया गया है? वैसे तो इस सवाल में ज्यादा ...
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भोटिए :  राजा खुगशाल

भोटिए : राजा खुगशाल

खेतों में पकने लगती है गेहूँ की फ़सलधीरे-धीरे गर्माने लगता है मौसमभेड़-बकरियों के अपने झुण्ड के साथभोटिए घर लौटते हैं पीठ पर ऊन के गट्ठर लादेनवजात मेमनों को कन्धों पर रखेवे नदी-नदी, जंगल-जंगल उत्तर की ओर बढ़ते हैंगंगा-यमुना के उद‍गम की ओरभाबर के वनों से तिब्बत की सरहद तक कोई भी पर्वत,कोई भी जंगलअगम-अगोच...
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अरुणिमा सिन्हा की प्रेरणादायक कहानी

अरुणिमा सिन्हा की प्रेरणादायक कहानी

क्या आप सोच सकते है कि एक महिला जिसे चलती ट्रेन से लुटेरों ने फेंक दिया था जिसके कारण उनका एक पैर कट चुका है वह माउंट एवरेस्ट पर चढ़ सकती है! राष्ट्रीय स्तर की वालीबॉल खिलाड़ी अरुणिमा सिन्हा, पद्मावती एक्सप्रेस में लखनऊ से दिल्ली जा रही थी| बीच रास्ते में कुछ लुटेरों ने सोने ...
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मौके रोज दस्तक नहीं देते  Written By Yogesh Suhagwati Goyal

मौके रोज दस्तक नहीं देते Written By Yogesh Suhagwati Goyal

मौके रोज दस्तक नहीं देते Written By © Yogesh Suhagwati Goyal   नवी मुंबई के बेलापुर रेल्वे स्टेशन के पास कंचन हाउसिंग सोसाइटी की पर्ल टावर में ९वीं माले पर ३ कमरों के फ्लेट नंबर ९०६ में मेहता परिवार रहता था। मेहता परिवार में परिवार के मुखिया श्री आलोक मेहता, उनकी पत्नी गीता, बेटा सौरव ...
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शहीद की बेटी Written By Meena Bhandari

शहीद की बेटी Written By Meena Bhandari

शहीद की बेटी © Written By Meena Bhandari “दाSSSSदी ! देखो, हमारी गुड़िया ! अब हम जल्दी इसकी शादी करेंगे।” – कहकर चहकती हुई आन्या दादी के पास आई। दोपहर का एक बजने वाला है। आज रविवार है और आन्या अपनी सहेली मीशा के साथ खेल में व्यस्त थी। माँ लता भीतर रसोई में थी ...
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भारतीय भाषाओं में पत्रकारिता का आरम्भ और हिन्दी पत्रकारिता

भारतीय भाषाओं में पत्रकारिता का आरम्भ और हिन्दी पत्रकारिता

भारतवर्ष में आधुनिक ढंग की पत्रकारिता का जन्म अठारहवीं शताब्दी के चतुर्थ चरण में कलकत्ता, बंबई और मद्रास में हुआ। 1780 ई. में प्रकाशित हिके (Hickey) का “कलकत्ता गज़ट” कदाचित् इस ओर पहला प्रयत्न था। हिंदी के पहले पत्र उदंत मार्तण्ड(1826) के प्रकाशित होने तक इन नगरों की ऐंग्लोइंडियन अंग्रेजी प...
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तुम अकेली नहीं: By भावना प्रकाश  

तुम अकेली नहीं: By भावना प्रकाश  

अम्माजी के दिल में हज़ारों राज़ थे. जब कोई राज़ पचाना मुश्क़िल हो जाता तो अकेले में मुझे सुनाकर बच्चों की सौगंध देकर कहतीं कि किसी से कहियो मत. मैं मन ही मन हंस पड़ती. ‘मुझे क्या पड़ी है’ मैंने तो अपना काम करते हुए ‘हूं-हां’ करा होता था, ठीक से सुना भी नहीं होता ...
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सँपोला Written By Agrawal Shruti

सँपोला Written By Agrawal Shruti

सँपोला ©  Written By Agrawal Shruti रीता का मन आज सुबह से ही थोड़ा बुझा बुझा सा था। आज बिट्टी मायके आ रही है, और जो आ रही है तो डेढ दो महीने तो रहेंगी ही ! रीता जानती है कि यह समय उसपर कितना भारी पड़ने वाला है। जिंदगी वैसे भी कोई फूलों की ...
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‘देवदार व बोगेनविलिया’ का मोहब्बतनामा, अब केवल यादों में

‘देवदार व बोगेनविलिया’ का मोहब्बतनामा, अब केवल यादों में

5 जुलाई 2015 को रविवार की सुबह ग्यारह बजे के आस-पास का समय था जब मेरे कदमों ने पहली बार अल्मोड़ा की धरती को छुआ था। मेरे लिए नया शहर था उस समय। प्राकृतिक छटा से भरपूर। जब हल्द्वानी सुबह सात बजे ट्रेन पहुंची तो तलाश हुई अल्मोड़ा जाने वाली टैक्सी की। टैक्सी से अल्मोड़ा ...
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जरा याद करो कुर्बानी: भारतीय इतिहास में पेशावर कांड के नायक वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली

जरा याद करो कुर्बानी: भारतीय इतिहास में पेशावर कांड के नायक वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली

वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली (25 दिसम्बर, 1891 – 1 अक्टूबर 1979) को भारतीय इतिहास में पेशावर कांड के नायक के रूप में याद किया जाता है। २३ अप्रैल १९३० को हवलदार मेजर चन्द्र सिंह गढवाली के नेतृत्व में रॉयल गढवाल राइफल्स के जवानों ने भारत की आजादी के लिये लड़ने वाले निहत्थे पठानों पर गोली ...
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जब अटल ने कहा, ‘मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूं, लौटकर आऊंगा’

जब अटल ने कहा, ‘मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूं, लौटकर आऊंगा’

मौत की उमर क्या है? दो पल भी नहीं,ये गीत गुनगुनाने वाले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जिंदगी का सिलसिला आज थम गया. देश के 10वें प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का 93वें साल की उम्र में निधन हो गया. भारत रत्न पूर्व अटल बिहारी वाजपेयी ने भले ही 1942 में भारतीय राजनीति में कदम ...
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बच्चों से सीख लेने के बाद कोरोना पर आई देश की पहली कॉमिक

बच्चों से सीख लेने के बाद कोरोना पर आई देश की पहली कॉमिक

– कोरोना संक्रमण का बच्चों पर गंभीर असर, सुपर हीरो वीरा दे रहा वायरस से बचने की सीख– पांच स्कूली बच्चों के ईद-गिर्द घूमती कहानी में सुपर हीरो हराता है वायरस को कोरोना महामारी का सबसे गंभीर असर बच्चों पर पड़ रहा है। स्कूल बंद होने और दिन भर कोरोना-कोरोना की चर्चाओं ने बच्चों के ...
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हार नहीं मानूंगा Book Review by मीनाक्षी 

हार नहीं मानूंगा Book Review by मीनाक्षी 

लेखक: विजय त्रिवेदी   मूल्य: रु. 399 (पेपर बैक)  हार्पर हिंदी हार नहीं मानूंगा पिछले दिनों की सबसे चर्चित किताबों में एक रही है. यह भारतीय राजनीति के सबसे चमकीले सितारों में रहे भारतीय जनता पार्टी के शिखर पुरुष और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जीवनी है. हाल के कुछ वर्षों को छोड...
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बुझ गई ‘पहाड़ी लालटेन’: कौन थे मंगलेश डबराल

बुझ गई ‘पहाड़ी लालटेन’: कौन थे मंगलेश डबराल

पूरा नाम मंगलेश डबरालजन्म 16 मई, 1948जन्म भूमि टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंडकर्म भूमि भारतकर्म-क्षेत्र लेखनमुख्य रचनाएँ ‘पहाड़ पर लालटेन’, ‘घर का रास्ता’, ‘हम जो देखते हैं’, ‘लेखक की रोटी’, ‘घर का रास्ता’, ‘हम जो देखते हैं’ आदि।भाषा हिन्द...
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सुप्रसिद्ध कवि और वरिष्ठ पत्रकार मंगलेश डबराल नहीं रहे

सुप्रसिद्ध कवि और वरिष्ठ पत्रकार मंगलेश डबराल नहीं रहे

साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त हिंदी के सुप्रसिद्ध कवि और वरिष्ठ पत्रकार मंगलेश डबराल कोरोना से संक्रमित होने के कारण अस्पताल में भर्ती है और उनकी हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता, हिंदी भाषा के प्रख्यात लेखक, कवि और पत्रकार श्री मंग...
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आइए जानते हैं गढ़वाल की ब्राहमण जातियों का इतिहास..

आइए जानते हैं गढ़वाल की ब्राहमण जातियों का इतिहास..

गढ़वाल में ब्राह्मण जातियां मूल रूप से तीन हिस्सो में बांटी गई है -1-सरोला, 2-गंगाड़ी 3-नाना । सरोला और गंगाड़ी 8 वीं और 9वीं शताब्दी के दौरान मैदानी भाग से उत्तराखंड आए थे। पंवार शासक के राजपुरोहित के रूप में सरोला आये थे। गढ़वाल में आने के बाद सरोला और गंगाड़ी लोगों ने नाना गोत्र ...
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एक कहानी :  हमला मुंबई 26/11

एक कहानी : हमला मुंबई 26/11

आज से 12 साल पहले, यानि 26 नवंबर 2008 को मुंबई में ऐसा हमाला हुआ था कि उसे यादकर आज भी सबका दिल दहल जाता है। इस हमले में 166 मासूम लोगों की जानें चली गई और कम से कम 308 घायल हो गए। पाकिस्तान के देख रेख में पले एक आतंकी  इस्लामी आतंकवादी संगठन ...
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