July 31, 2021

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Benefits of Bitter Gourd

Benefits of Bitter Gourd

करेला (Karela Herb for Health)

आयुर्वेदिक दृष्टि से करेला (Bitter Gourd) एक चमत्कारी औषधि है जिसका इस्तेमाल कई रोगों में दवाइयों के तौर पर किया जाता है। करेला स्वाद में कड़वा होता है और कई औषधीय गुणों से भरपूर होता है।

बड़े करेले का सेवन करने से प्रमेह, पीलिया और आफरा जैसी बीमारियों से छुटकारा मिलता है। छोटा करेला बड़े करेले की मुक़ाबले ज्यादा लाभदायक होता है। करेला ठंडा व कड़वा स्वभाव का होता है, जो बुखार, पित्त, कफ, पेट में कीड़े जैसी समस्याओं को दूर करता है।

करेले का रस बहुत ही लाभदायक होता है। रोजाना करेले का रस पीने से बहुत से रोग दूर होते हैं, क्योंकि इसमें कई प्रकार के जरूरी विटामिन्स, एंटीऑक्सीडेंट्स व अन्य पोषक तत्व होते हैं।

इसलिए उपयोगी है करेला (Benefits of Bitter Gourd )

शुगर कंट्रोल करता है (Control Sugar):- करेले में मोमर्सिडीन और चैराटिन जैसे एंटी- हाइपर ग्लेसेमिक तत्व होते हैं, जो ब्लड में शुगर की मात्रा को मांसपेशियों में संचारित करने में सहायक होता है।

इसके अलावा करेले के बीजों में पॉलीपेप्टाइड-पी पाया जाता है, जो इन्सुलिन की तरह काम करते हुए डायबेटिक्स में शुगर की मात्रा कम करता है।

भूख बढ़ाता है (Increase appetite)

अक्सर भूख न लगने से शरीर में पोषण की कमी देखने को मिलती है, जिसके कारण स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं। करेले के रस का सेवन करने से पाचन क्रिया ठीक रहती है, जिसके फलस्वरूप भूख बढ़ती है।

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अग्नाशय कैंसर में लाभदायक (Beneficial in Pancreatic Cancer)

करेले में कई प्रकार के एंटी- कैंसर कॉम्पोनेंट्स मौजूद होते हैं, जिससे अग्नाशय कैंसर पैदा करने वाली सभी कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं। इसलिए करेले के रस का रोजाना सेवन करने से कैंसर का खतरा कम हो जाता है।

पाचन शक्ति बढ़ाए (Increase Digestion)

करेले का रस पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है साथ ही अपच और बदहजमी जैसी समस्याओं को दूर करता है। करेले का रस एसिड के स्त्राव को बढ़ाता है, जिससे पाचन शक्ति बढ़ती है। इसलिए पाचन क्रिया को मजबूत करने के लिए सप्ताह में एक या दो बार करेले के रस का सेवन जरूर करना चाहिए।

आंखों की शक्ति बढ़ाए (Increase Eye Sight)

करेले के रस का सेवन करने से सभी प्रकार के दृष्टि दोषों को दूर किया जा सकता है। इसमें बीटा- कैरोटीन और विटामिन ए पर्याप्त मात्रा में होता है, जिससे आंखों की रोशनी में सुधार होता है। इसके अतिरिक्त करेला, विटामिन सी, एंटी-ऑक्सीडेंट्स और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से होने वाली आंखों की समस्या से बचाता है।

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खून साफ़ करे (Blood Purifier)

करेला, शरीर में रक्त शोधक के तौर पर काम करता है, जो जहरीले तत्वों को बाहर निकालकर फ्री रेडिकल्स के नुकसान से बचाव करता है। इसलिए करेले का रस पीने से खून साफ़ होता है और मुहांसे दूर होते हैं।

जोड़ों के दर्द में राहत (Relief in Joint Pain)

करेले का रस और सब्जी के सेवन तथा करेले के पत्तों के रस से मालिश करने से गठिया और जोड़ों के दर्द से छुटकारा मिलता है। इसके अलावा करेले का रस और तिल के तेल को बराबर मात्रा में लेकर इस्तेमाल करने से वात संबंधी रोगों में आराम मिलता है।

पथरी से बचाव (Preventing Stone)

रोजाना दो करेलों का रस पीने और करेले की सब्जी खाने से पथरी के रोग में आराम मिलता है। ऐसा करने से पथरी गलकर बाहर निकलती है। बीस ग्राम करेले के रस को शहद में मिलाकर सेवन करने से पथरी गलकर मूत्र के माध्यम से बाहर निकल जाती है। करेला दोनों प्रकार की (गुर्दे या मूत्राशय) पथरी को गलाकर खत्म करने की क्षमता रखता है।

करेले के दुष्प्रभाव (Side Effects of Karela Herb)

शुगर की कम मात्रा (Hypoglycemia)

करेले का सेवन, रक्त में शक्कर (शर्करा) की मात्रा को कम करने में बहुत मदद करता है। लेकिन कई बार इसके अधिक सेवन से या लगातार सेवन से खून में शुगर यानी शक्कर की मात्रा जरूरत से ज्यादा कम हो जाती है, जो रोगी के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।

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गर्भपात (Miscarriage)

गर्भावस्था में करेले का अत्यधिक सेवन करने से प्रसव के दौरान समस्या या गर्भपात की समस्या हो सकती है। क्योंकि करेले में कई लैक्सेटिव तत्व होते हैं, जो समय से पहले प्रसव संकुचन, महवारी (मासिक धर्म) या गर्भपात जैसी अन्य समस्याएं पैदा कर सकता है।

खून का थक्का जमना (Blood Clotting)

एनल ऑफ सऊदी मैडिसिन (Annals of Saudi Medicine) के द्वारा किए गए शोध के अनुसार करेले का जरूरत से ज्यादा सेवन करने से शरीर में खून का थक्का जमने लगता है, जो आगे चलकर दिल का दौरा जैसी गंभीर समस्या में बदल सकता है।

Post source : Article By Dr. Pradeep Banerjee

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