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October 23, 2019

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बिहार में बारिश और बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 56 हुई

बिहार में बारिश और बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 56 हुई
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हर प्राकृतिक आपदा अपने साथ विनाश की ऐसी लीला लेकर आती है, जिसके निशान लंबे वक़्त तक मिटते नहीं हैं और बिहार में बाढ़ एक ऐसी आपदा है जो हर साल दस्तक देती है. लेकिन इस बार पहले सूखा और उसके बाद बाढ़ की विभीषिका झेल रहे इस राज्य में ये विडंबना भी दिख रही है की खुद राज्य की राजधानी पटना 1975 के बाद ज़बरदस्त बाढ़ से जूझ रही है. 56 लोग इस बाढ़ में राज्य में अपनी जान गंवा चुके हैं, हालांकि राहत और बचाव कार्य जारी है.

पिछले कुछ दिनों से बिहार में आफत बन कर बरसी बारिश फिलहाल थमी हुई है, लेकिन जलजमाव और बाढ़ जैसे हालात के बीच लोगों की मुसीबतें कम नहीं है. पिछले तीन-चार दिनों से हुई भारी बारिश से राज्य के 16 ज़िले बाढ़ ग्रस्त हैं. राजधानी पटना और आस-पास के जिले भारी तबाही झेल रहे हैं. 80 फीसदी घरों में पानी घुस चुका है, विशेषकर राजेंद्र नगर और कंकड़बाग क्षेत्र में हालत गंभीर है. यहां तक की मंत्रियों और नेताओं के वीआईपी क्षेत्र भी बाढ़ के कहर से अछूता नहीं रहे. राज्य में भारी बारिश से अब तक 56 लोगों की मौत हो गई है. रेल से लेकर बिजली और अस्पताल जैसी सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. पूरा जनजीवन ठप हो गया है.

राज्य की agencies राहत और बचाव कार्यों में लगी हुई हैं और इसमें NDRF और केंद्रीय agencies उनकी मदद कर रही हैं. एनडीआरएफ की 20 टीमें राहत कार्य में लगी हुई हैं, अकेले पटना में NDRF की 6 टीमें तैनात की गई हैं, जो भारी बारिश और जल जमाव के चलते बाढ़ जैसी स्थिति से गुजर रहा है. वायुसेना के दो हेलिकॉप्टर भी राहत और बचाव कार्यों में तैनात हैं. जिनसे पानी से घिरे लोगों के लिए खाने के पैकेट गिराए जा रहे हैं. वहीं कोयला मंत्रालय द्वारा 4 हैवी ड्यूटी पंप उपलब्ध कराए गए हैं जो प्रति मिनट 3,000 गैलन पानी की निकासी कर सकता है.

पश्चिमी चंपारण के वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज से 52 हज़ार क्यूसेक पानी गंडक नदी में छोड़ा गया, जो दियारा के निचले इलाकों में तबाही मचा रहा है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार के हालात पर करीबी नजर बनाए हुए हैं. उनके निर्देश पर कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने बाढ़ की स्थिति की समीक्षा करने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति की बैठक बुलाई, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, NDRF और केंद्रीय जल आयोग, IMD और अन्य विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया. बिहार के मुख्य सचिव और अन्य सीनियर अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में शिरकत की. केंद्रीय मंत्री भी बिहार में डेरा डालकर राहत कार्यों में जुटे हैं.

बिहार सरकार प्रभावित इलाकों में खाना और पीने के पानी की व्यवस्था कर रही है, तो साथ ही कोशिश है कि बिजली व्यवस्था को भी बहाल किया जाए, जहां इसकी दिक्कत आई है. मौसम विभाग के अधिकारियों ने बैठक के दौरान बताया कि भारी बारिश के चलते फिलहाल बाढ़ की स्थिति पैदा हुई है, हालांकि अब मौसम और स्थिति में सुधार की गुंजाइश है. लेकिन 6 ज़िलों- अररिया, कटिहार, पूर्णिया, किशनगंज, भागलपुर और बांका में बुधवार तक भारी बारिश होने की संभावना है.

केंद्रीय दलों ने हालांकि बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लिया था, लेकिन ताजातरीन हालातों के मद्देनजर एक बार फिर से केंद्रीय टीम नुकसान का जायजा लेने के लिए राज्य का दौरा करेगी. कैबिनेट सचिव ने केंद्र की सभी संबंधित एजेंसियों को राहत और बचाव कार्यों में बिहार सरकार और उनकी टीम को हर संभव मदद पहुंचाने का निर्देश दिया है.

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Post source : agency

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