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LOC व बॉर्डर एरिया पर सेना का कोरोना के खिलाफ मोर्चा

LOC व बॉर्डर एरिया पर सेना का कोरोना के खिलाफ मोर्चा

जहां बाकी देश में इस बात पर बहस चल रही है कि क्या कोरोना के लिए जंग में सेना की मदद ली जाए या नहीं? ऐसे में अब कश्मीर के दूर दराज़ के इलाकों में सेना ने खुद ही यह काम अपने जिम्मे ले लिया है. उत्तरी कश्मीर में पाकिस्तान के साथ लगने वाली-LOC -पर सेना ने कोरोना के खिलाफ मोर्चा संभाल लिया है. साथ ही ईद से पहले ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाने का जिम्मेदारी उठायी है.

कोरोना वैक्सीनशन के तीसरे चरण में 18-44 साल के लोगों को वैक्सीन देने का काम शुरू हो गया है लेकिन इस के लिए पंजीकरण करवाना अनिवार्य किया गया है. जम्मू-कश्मीर में सरहद से लगे ज्यादातर इलाकों में मोबाइल सेवाएं नहीं है और जहां मोबाइल सेवाएं है वहां इंटरनेट ना के बराबर है. इसलिए सेना ने पहल कर कुपवाड़ा के सरहदी इलाकों में विशेष कोविड-19 वैक्सीनेशन रजिस्ट्रेशन कैंप लगाने शुरू किये हैं जहां पर लोगों को पंजीकृत करने और वैक्सीन लगवाने की सुविधा दी जा रही है.

5 मई से 19 मई तक चलेगा कैंप

कलारूस के रहने वाले अब्दुल जब्बार का कहना है कि, कश्मीर में लॉकडाउन के बाद श्रीनगर या जम्मू से मजदूर वापस लौटने लगे हैं. साथ ही आने वाले दिनों में ईद के मौके पर भी बड़ी संख्या में लोग वापस आएंगे. इससे हमारे इलाकों में कोरोना के मामले और ज्यादा बढ़ने की सम्भावना है. जिसके लिए सेना का वैक्सीनेशन कैंप मददगार साबित होगा.” यह कैंप 5 मई से 19 मई के बीच दो हफ्ते तक चलाये जाएंगे और सरहदी इलाकों में ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीन देने की कोशिश होगी.

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इस काम में सेना ने प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के साथ हाथ मिलाया है. सेना का कहना है कि सुरक्षा कारणों के चलते सरहदी इलाकों में मोबाइल या इंटरनेट सेवाएं नहीं है लेकिन यह सब लोगों के लिए वैक्सीन में बाधा ना बने इसके लिए सेना ने यह विशेष कार्यक्रम शुरू कर दिया है.  कार्यक्रम के पहले चरण में कुपवाड़ा के कलारूस,करनाह और माछिल में पहले चरण में 45 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को स्पॉट वैक्सीनेशन और 18-44 साल की उम्र के लोगों के लिए रजिस्ट्रेशन और वैक्सीन के लिए बुकिंग करने का काम किया गया.

वैक्सीन को लेकर लोगों में बहुत गलत धारणाएं हैं- स्वास्थ्यकर्मी

स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि वैक्सीन के प्रति लोगों में इन दूर दराज़ के इलाकों में बहुत सारी गलत धारणाएं हैं जिन के चलते यहां वैक्सीनेशन शुरू होने के चार महीने बाद भी बहुत कम लोगों ने वैक्सीन लगवाई है. कैंप में स्वास्थ्य विभाग के कर्मी बशीर अहमद के अनुसार “यहां के लोगों के लिए सेना भरोसा का दूसरा नाम है. अगर सेना वैक्सीनेशन के काम में हमारा साथ देती है तो 15 दिनों में हम पूरे सरहदी गांव में 100 प्रतिशत लोगों को वैक्सीन लगाने में कामयाब हो जाएंगे”

इसी का नतीजा था कि पहले दिन के कैंप में कालारूस के एक कैंप में 80 लोगों को वैक्सीन लगाई गई और 15 लोगों को वैक्सीनेशन के लिए रजिस्टर कर लिया गया. आने वाले दिनों में सेना के जवान सरहदी इलाके के 300 के करीब छोटे बड़े गावों में जाकर कैंप लगाकर इस जंग में अपना योगदान देते रहेंगे.

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जम्मू कश्मीर में कोरोना की दूसरी लहर तेजी से फेल रही है और मंगलवार को कोरोना संक्रमण के आंकड़ों ने 4650 का आंकड़ा पार कर लिया. यह जम्मू कश्मीर में एक दिन में पॉजिटिव मामलों का अब तक का सब से आकड़ा है और चिंता की बात ये है कि अब छोटे शहर और गावों भी इसकी चपेट में आने लगे हैं.

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