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August 26, 2019

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शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच

शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच
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अमान्य प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी कर रहे शिक्षकों को चिह्नित करने के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा अभियान छेड़ दिया। बेसिक और जूनियर स्तर के सभी शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। हर ब्लॉक में उपशिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय जांच समिति प्रमाणपत्रों की जांच करेगी। शिक्षा निदेशक आरके कुंवर ने जांच के आदेश देते हुए विस्तृत गाइड लाइन भी जारी की। कुंवर के अनुसार हर ब्लॉक में उपशिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी बनाई जाएगी। मुख्य प्रशासनिक अधिकारी सदस्य सचिव होंगे।
 
वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और पटल सहायक/प्रभारी कमेटी के सदस्य रहेंगे। यह कमेटी अपने क्षेत्र के सभी स्कूलों के बेसिक और जूनियर शिक्षकों के शैक्षिक योग्यता से जुड़े सभी प्रमाणपत्र और समकक्ष डिग्री-डिप्लोमा की जांच करेगी। उर्दू शिक्षक भर्ती में हुए घपले से सबक लेते हुए शिक्षा विभाग ने यह निर्णय किया है। सूत्रों के अनुसार, नौ जुलाई को इस भर्ती से जुड़े मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग को कड़ी फटकार लगाई थी।
 
समिति को सभी शिक्षकों के प्रमाणपत्र व समकक्ष योग्यता वाले प्रमाणपत्रों की जांच करनी होगी। समकक्षता का सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, डिग्री देने वाली संस्था की वैधानिकता की भी जांच होगी। साथ ही प्रमाणपत्रों की वैधता के बारे में यूजीसी और एनसीटीई से प्रमाणित करना होगा।
 
जांच जरूरी
 
विभाग ने अदीब, अदीब ए माहिर व अदीब ए कामिल के सर्टिफिकेट को हाईस्कूल, इंटर और स्नातक के समकक्ष मान लिया था। इसके आधार पर बड़े पैमाने पर नियुक्ति कर दी गईं। मामले का खुलासा होने पर विभाग दोषी अफसरों के खिलाफ कर्रवाई कर रहा है।
 
एसआईटी जांच से बड़ा दायरा
गतवर्ष सरकार के आदेश पर अमान्य प्रमाणपत्र वाले शिक्षकों की एसआईटी जांच शुरू हुई। यह जांच शिकायती प्रकरण पर आधारित होकर रह गई। जबकि विभागीय जांच में सभी बेसिक-जूनियर शिक्षकों को लिया गयाहै। एसआईटी ने अपनी जांच में 75 से ज्यादाशिक्षकों को अमान्य प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी करते पाया था। एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने कई शिक्षकों को बर्खास्त तो कर दिया था, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश पर सभी शिक्षकों को वापस सेवा में लेना पड़ा। उनके खिलाफ विभागीय प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है।
 
उर्दू शिक्षक भर्ती में गड़बड़ी को देखते हुए जांच कराने का निर्णय लिया है। सभी समितियों को जांच के लिए एक माह का वक्त दिया है।
 
आरके कुंवर, शिक्षा निदेशक
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Post source : agencies

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