लोकसभा में पास हुआ आधार एवं अन्य कानून संशोधन विधेयक | Doonited.India

July 21, 2019

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लोकसभा में पास हुआ आधार एवं अन्य कानून संशोधन विधेयक

लोकसभा में पास हुआ आधार एवं अन्य कानून संशोधन विधेयक
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संसद के दोनों सदन आज भी सुचारू रूप से चले। किसानों की  आमदनी कैसे बढ़े इसके लिए सरकार ने बताया है कि किसान कम उपजाऊ जमीन पर सौर ऊर्जा का प्लांट लगा कर अपनी आमदनी को बढ़ा सकते है।  उधर लोग सभा भी सुचारू रूप से चली जहां आधार एवं अन्य कानून संशोधन विधेयक 2019 चर्चा  के बाद पारित किया गया।

गुरुवार को भी संसद को दोनो सदनों की कार्यावही सुचारु रूप से चली। लोकसभा में प्रश्न काल के दौरान नवीकरणीय ऊर्जा पर सवाल जवाब में ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने बताया कि 2022 तक 1 लाख 75 हज़ार मेगावाट सौर ऊर्जा का लक्ष्य रखा गया है। लेकिन जिस गति से इस दिशा में काम हो रहा है उससे सौर ऊर्जा की क्षमता र्निर्धारित लक्ष्य को पार कर जायेगी। उन्होंने यह भी कहा कि बहुत जल्द ऐसी योजना लायी जा रही है जिसके तहत किसान अनुपजाऊ जमीन पर सौर ऊर्जा का उत्पादन करके आमदनी में इजाफा कर सकेंगे।

संसद के दोनो सदनों में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमन ने बताया कि आने वाले वक्त में ग्रामीण बैंकों की परीक्षा हिन्दी और अंग्रेजी के साथ 13 क्षेत्रीय भाषाओं में आयोजित की जायेगी।इस बीच लोकसभा में आधार एवं अन्य कानून संशोधन विधेयक 2019 चर्चा  के बाद पारित किया गया।कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आधार को डीबीटी योजना जोड़ने के बाद देश का धन बचाने में मदद मिली है।

आधार एवं अन्य कानून संशोधन विधेयक 2019 के मुताबिक :

किसी भी व्यक्ति को तब तक आधार नंबर को पहचान के रूप में देने के लिये बाध्य नहीं किया जा सकता जब तक कानून के तहत यह जरूरी न हो।

आधार का सत्यापन ऑनलाइन के साथ ही ऑफलाइन भी कराया जा सकेगा।

18 साल से ऊपर की आयु होने पर बच्चों को अपना आधार रद्द करने के निर्णय का आधिकार होगा।

आधार कानून का उल्लंघन करने वाली संस्थाओं के ऊपर 1 करोड का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।

किसी भी व्यक्ति के आधार से संबंधित जानकारी मांगने का अधिकार उच्च न्यायालय से नीचे की अदालत को नहीं होगा।

UIDAI फंड बनाया जाये जिससे खर्चों को उसी मद से लिया जा सके।

कोई भी व्यक्ति आधार कानून के उल्लंघन की अदालत में  अपील कर सकेगा।

उधर राज्यसभा में केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने देश के विभिन्न भागों में स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों में मादक द्रव्य पदार्थों की लत की खबरों के कारण पैदा हुई स्थिति की ओर सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय का ध्यान दिलाते हुए कहा कि देश में सरकारें नियम बनाती हैं लेकिन उसको सही रूप में पालन करने में जन सहभागिता जरूरी है ।

राज्यसभा में जहां प्रश्नकाल सुचारु रूप से चला वहीं भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद संशोधन बिल 2019 पारित हो गया। गौरतलब है कि 5 जुलाई को मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश किया जाना है ।ऐसे में सरकार की कोशिश रही है कि इससे पहले विधायी कामकाज को तेजी से संसद के दोनो सदनों में आगे बढ़ाया जाये।

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Post source : agencies

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