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O Romeo star Shahid Kapoor: शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी की फिल्म ‘ओ रोमियो’ ने स्लो ओपनिंग के बावजूद वीकडेज में कमाल कर दिया है. पहले दिन फिल्म की ओपनिंग स्लो से हुई और वीकेंड में इंडिया पाकिस्तान क्रिकेट मैच का शिकार हो गई. जिसके चलते हफ्ते के बीच में फिल्म दर्शकों को थियेटर तक खींचने में कामयाब हो रही है. इसी बीच हाल ही में शाहिद कपूर ने एक इंटरव्यू दिया. जिसमें उन्होंने ट्रोलिंग पर अपने विचार रखे.
ट्रोलिंग से कैसे डील करते शाहिद कपूर?
शाहिद कपूर से हाल ही में सोनल कालरा के साथ द राइट एंगल पर पर इंटरव्यू के दौरान पूछा गया कि वह इस सारी ट्रोलिंग से कैसे डील करते हैं तो उन्होंने कहा कि ‘जो कोई भी कहता है कि मुझ पर कोई असर नहीं पड़ता, मुझे नहीं पता कि वह गलत सोच रहा है और जो लोग ऐसा कहते हैं, आप जानते हैं, इससे मुझ पर सच में असर पड़ता है, वे खुद को खतरनाक जगह पर डाल रहे हैं.’ तारीफ और ट्रोलिंग के बारे में बात करते हुए शाहिद ने कहा कि किसी को सिर्फ बाहर से वैलिडेशन नहीं चाहिए. उन्होंने समझाया कि यह जानना जरूरी है कि आप किसी चीज के बारे में कैसा महसूस करते हैं. लेकिन साथ ही ऑडियंस से जुड़े रहने के लिए, आपको यह भी जानना होगा कि दूसरे कैसा महसूस करते हैं.
‘बोलने की औकात होनी चाहिए…’
एक्टर शाहिद कपूर ने आगे कहा ‘लेकिन यह बहुत जरूरी है, आप जानते हैं, मैं हमेशा यह कहता हूं और मैं हमेशा कहता रहूंगा, चाहे लोग मुझे बोले कि, पता नहीं पुराना जमाना या जो भी हो, कि आपके बोलने की औकात होनी चाहिए ना, तभी मुंह खोलना चाहिए. यह मैंने बचपन में सीखा था, जब मैं मेरे पापा, मम्मी… मैंने बचपन में बहुत कुछ देखा है, मैंने बड़े कलाकारों को देखा है, आप जानते हैं, लोग मुंह नहीं खोलते थे उनके सामने. आज कल लोगों को बहुत बोलने की आदत हो गई है. खुद पहले देख लो आप कितने पानी में हो, फिर बात करो. यह सोशल ट्रेंड है और यह क्या है ना, आप नकारात्मक नहीं हो सकते, जब तक कि आप असुरक्षित या डरे हुए या भयभीत या दुखी न हों, आप जानते हैं.’
‘अगर इतनी नेगेटिविटी बाहर आ रही…’
शाहिद ने आगे बताया कि ‘तो अगर इतनी नेगेटिविटी बाहर आ रही है, मेरा मतलब है कि यह सच में दिखाता है कि उन लोगों की अंदर की दुनिया कितनी दुखी है. इसलिए आपको खुद को अच्छा और खुश रखना होगा और परफॉर्म करने के लिए तैयार रहना होगा. यह सबसे जरूरी है, आप जानते हैं खुद को पूरी तरह से पॉजिटिविटी से भरें. बुराई को ऐसे लें जैसे आप जानते हैं कि आपकी ठुड्डी पर अच्छी चोट लगती है और एक अच्छा फाइटर जानता है कि फिर से कैसे खड़ा होना है. ऐसा करें, लेकिन हमेशा खुद का साथ दें यार. आपको खुद का साथ देना होगा’
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