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टीवी शो ‘व्हील ऑफ फॉर्च्यून इंडिया’ में अभिनेता अक्षय कुमार ने उत्तर-पूर्व के लोगों के खिलाफ होने वाले नस्लभेद और भेदभाव पर खुलकर आवाज उठाई. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उत्तर-पूर्व के लोग भी उतने ही भारतीय हैं जितना देश का कोई भी नागरिक.
उत्तर-पूर्व के लोगों पर भेदभाव का उठाया मुद्दा
शो के दौरान एक प्रतियोगी ने बताया कि उत्तर-पूर्व के लोगों को उनके चेहरे, आंखों और दिखावट के कारण अक्सर ताने सुनने पड़ते हैं. उन्हें ‘चीनी’, ‘चिंकी’ और ‘मोमो’ जैसे अपमानजनक नामों से बुलाया जाता है और मजाक उड़ाया जाता है. यह सुनकर अक्षय कुमार गंभीर नजर आए.
उन्होंने मंच पर अपने मेकअप आर्टिस्ट किन को बुलाया, जो मणिपुर से हैं. अक्षय ने कहा, “ये हैं किन, जो मेरा मेकअप करते हैं और मेरा खास ख्याल रखते हैं.”
‘व्हील ऑफ फॉर्च्यून इंडिया’ में बोले अक्षय कुमार
किन ने खुलासा किया कि उन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में ऐसे ही अपमानजनक शब्द सुनने पड़ते हैं और लोग उन्हें अलग-थलग समझते हैं. यह सुनकर अक्षय ने भावुक होते हुए कहा, “आज तुम्हारी बात सुनकर मुझे असल में समझ आया कि यह सब सच में होता है.”
उन्होंने जोर देकर कहा कि मजाक के नाम पर किसी के रंग, चेहरे या पहचान पर टिप्पणी करना गलत है. यह देश की एकता और विविधता के खिलाफ है. भारत एक विविधतापूर्ण देश है और उत्तर-पूर्व के लोग हमारी संस्कृति, इतिहास और एकता का अभिन्न हिस्सा हैं.
इसके बाद अक्षय कुमार ने पूरे देश को संदेश देते हुए कहा, “मैं भारत के सभी लोगों से कहना चाहता हूं कि उत्तर-पूर्व के लोगों के साथ भेदभाव होता है, लेकिन वे भी उतने ही भारतीय हैं जितना मैं हूं, आप हैं और यहां बैठे बाकी सभी लोग हैं. उत्तर-पूर्व के लोगों ने देश के लिए बड़ा योगदान दिया है. नागा रेजिमेंट हो, कारगिल युद्ध हो या बांग्लादेश मुक्ति संग्राम, इन लोगों ने देश के लिए अपना खून बहाया है. वे पूरी तरह भारतीय हैं.”
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